अरुण मेहता ने कहा कि कुछ तत्व यह झूठ दुष्प्रचारित कर रहे हैं कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया बंद कर दी है। पिछले तीन साल में 30 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया है। वह दिन अब लद गए जब सरकारी नौकरियां परिवार वाद तथा भ्रष्टाचार के जरिये मिल जाती थीं,गरीबों के अधिकार छीन लिए जाते थे। अब जो योग्य हैं उन्हें ही सरकारी नौकरी मिलेगी। जो योग्य नहीं हैं वे अपनी आजीविका के लिए अन्य साधन की तलाश करें।
उन्होंने जोर दिया कि डेलीवेजर पोस्ट पर नियुक्त होने से अच्छा है कि लोग व्यापार तथा कारोबार में जाएं। ज्ञात हो कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी कई बार दोहरा चुके हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएगी। वह दिन लद गए जब भाई भतीजावाद की आड़ में सरकारी नौकरियां दी जाती थीं। इससे योग्य तथा मेधाओं का हनन होता है।
पूरी पारदर्शिता से चल रही भर्ती प्रक्रिया
मुख्य सचिव ने कहा कि जो लोग अब भी यह उम्मीद पाले हैंं कि उन्हें पिछले दरवाजे से इंट्री मिल जाएगी, उन्हें उम्मीद छोड़ देनी चाहिए। सरकार पूरी पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया चला रही है। इसमें कतई गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।