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J&K Budget 2026: 23,800 सरकारी भर्तियों के साथ खिलेंगे युवाओं के चेहरे, उमर सरकार का बड़ा रोजगार प्लान

Sat, 07 Feb 2026 11:20 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

Jammu Kashmir Budget 2026-27: अपने बजट में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने युवाओं और बुनियादी ढांचे पर बड़ा जोर दिया है। युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने की कोशिश की गई है। खेलों के आधुनिकीकरण और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया गया है। 155 करोड़ रुपये के खेल बजट से खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ 4.73 लाख नए रोजगार अवसरों के साथ सरकार ने प्रगति का व्यापक रोडमैप पेश किया है।
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जम्मू कश्मीर बजट 2026 में रोजगार पर फुल फोकस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोले हैं। रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 4 लाख 73 हजार 800 लोगों को सीधा रोजगार देने का खाका खींचा गया है। लंबे समय से रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को नई ऊर्जा देते हुए सरकार ने 23,800 अतिरिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने का संकल्प लिया है। इससे प्रदेश के शिक्षित युवाओं में नई उम्मीद जगी है।

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भरे जाने वाले पदों में 2,80 राजपत्रित, 14,000 अराजपत्रित और 7,000 क्लास चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं। इसके लिए जम्मू और कश्मीर में जेकेएसएसबी ऑफिस काॅप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया रुकी पड़ी थी। खाली पदों को भरने की मांग की जा रही थी। अब मुख्यमंत्री उमर ने बजट में खास स्थान दिया है।

1.35 लाख उद्यम लगाए जाएंगे मिशन युवा के तहत :
मिशन युवा के तहत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के जरिये 1.35 लाख उद्यम लगाए जाएंगे। इससे 4.5 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। जो पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, कॅरिअर काउंसलिंग, वित्तीय मदद और आजीविका बढ़ाने में मदद करता है। ऑफिस ऑटोमेशन, फाइनेंशियल अकाउंटिंग, टेली और अन्य मार्केट से जुड़ी स्किल्स में सर्टिफिकेट कोर्स करवाए जाएंगे। उद्योगों में रोजगार हासिल करने में सुविधा मिलेगी।
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रेगुलर प्लेसमेंट ड्राइव के लिए जॉब फेयर होंगे जिसमें इंडस्ट्री, स्किल प्रोवाइडर, स्कूल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, कॉल सेंटर, इंश्योरेंस और सरकारी विभाग शामिल हैं। इनके माध्यम से रोजगार दिया जाएगा। केयर काउंसिल सेंटर भी खोला जाएगा। उद्यम लगाने या फिर निजी क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। युवाओं के हुनर को बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। 

राहत के कदम
कार्यालयों में काम का बोझ होगा कम
रोजगार के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजाम
योग्यता के आधार पर मिल सकेगा युवाओं को रोजगार
निजी क्षेत्र में मनपसंद क्षेत्र में भी मिलेगा काम करने का मौका

दिहाड़ी मजदूरों की नियमितीकरण पर पैनल की रिपोर्ट का इंतजार: उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार दिहाड़ी मजदूरों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक पैनल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पिछले साल 19 मार्च को अब्दुल्ला ने दिहाड़ी मजदूरों के नियमितीकरण के मुद्दे पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की थी और कहा था कि अगले बजट सत्र में सदन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में हजारों दिहाड़ी मजदूरों का नियमितीकरण एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि इनमें से अधिकांश श्रमिक लगभग तीन दशकों से विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यहां बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और हमें सौंपने के बाद, हम चरणबद्ध, योजनाबद्ध और पारदर्शी तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। विधानसभा में अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार दैनिक वेतनभोगी, आकस्मिक और अस्थायी श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं से पूरी तरह अवगत है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में और सीमित नौकरी सुरक्षा के साथ वर्षों तक प्रशासन की सेवा की है।
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जून तक 32 हजार और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
प्रदेश सरकार के शुक्रवार को आए बजट में महिलाओं का भी ध्यान रखा गया है। अटल अंत्योदय योजना के तहत उनके लिए साल में छह मुफ्त सिलिंडर का प्रावधान किया गया है। वहीं, लखपति दीदी पहल के तहत आगामी जून तक 32 हजार और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी यह संख्या लक्ष्य से पीछे चल रही है। बीते वर्ष 2.33 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक करीब दो लाख, 952 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बजट पेश करते हुए इस संख्या को मिशन युवा के साथ मिलाकर सक्रिय रूप से बढ़ाने की घोषणा की है।
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