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जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस बोली- हाईकोर्ट को शिफ्ट करने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं

Fri, 08 Nov 2019 09:06 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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चीफ जस्टिस गीता मित्तल - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू में वकीलों की हड़ताल जारी है। रजिस्ट्री को लेकर तमाम जगह के वकील खुलकर सामने आ गए हैं। अब तक शांतिपूर्ण हड़ताल चल रही है, लेकिन अगले कुछ दिनों में आंदोलन उग्र हो सकता है। अदालतों में कामकाज ठप होने से अब आम लोग भी परेशान हो रहे हैं। शुक्रवार को बार एसोसिएशन और सीनियर वकीलों की चीफ जस्टिस से मुलाकात की जरूर हुई। 
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चीफ जस्टिस गीता मित्तल और वकीलों के बीच हुई बैठक में चीफ जस्टिस ने जानकारी दी कि फिलहाल जानीपुर से रैका में हाईकोर्ट शिफ्ट करने का कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है। रही बात रजिस्ट्री की तो इसको लेकर बात की जाएगी। डेढ़ घंटे तक चली बैठक में वकीलों ने इन दोनो मामलों को प्रमुखता से उठाया।

जम्मू हाईकोर्ट और जिला कोर्ट के अलावा कठुआ, सांबा, उधमपुर, हीरानगर, अखनूर, रामबन, नौशेरा, सुंदरबनी, रियासी, कटड़ा, भद्रवाह, राजोरी, पुंछ जिला कोर्ट में भी काम ठप हो गया है। रजिस्ट्री को राजस्व विभाग में शिफ्ट करने और हाईकोर्ट को जानीपुर से रैका बाहु में शिफ्ट करने के विरोध में वकील छह दिन से हड़ताल पर हैं। अब बार एसोसिएशन के अलावा युवा वकील एसोसिएशन ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। 
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वकीलों ने चीफ जस्टिस से कहा कि उनकी आय पर हमला किया गया है। रजिस्ट्री को राजस्व विभाग में शिफ्ट करने कर देने से उनके लिए रोजीरोटी का संकट बन गया है। वहीं चीफ जस्टिस से बैठक होने के बाद भी वकीलों ने हड़ताल जारी रखी है। 

चीफ जस्टिस ने वकीलों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होगा। खासकर युवा वकीलों के लिए। वह वकीलों को बताना चाहती हैं कि मौजूदा तारीख में फिलहाल हाईकोर्ट को शिफ्ट करने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ है। वकीलों ने दूसरे दौर की बैठक 9 नवंबर से 12 नवंबर के बाद 13 नवंबर को होगी। इसमें तय किया जाएगा कि भविष्य में क्या किया जाना है। 
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