महंत दीपेंद्र गिरी के नेतृत्व में साधुओं ने पवित्र छड़ी को निवास गौरी शंकर मंदिर पहुंचाया
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। आषाढ़ पूर्णिमा पर भगवान शिव की केसरिया वस्त्रधारी चांदी की गदा, जिसे पारंपरिक रूप से छड़ी मुबारक के नाम से जाना जाता है, को भूमि पूजन अनुष्ठान के लिए वीरवार को पहलगाम ले जाया गया। इसी के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा से जुड़ी सदियों पुरानी परंपरा की औपचारिक शुरुआत हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वामी महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में पूर्वाह्न करीब 11 बजे भव्य अनुष्ठान की शुरुआत हुई। साधुओं के एक समूह ने श्रीनगर स्थित छड़ी मुबारक को उसके निवास स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद पवित्र छड़ी को पहलगाम स्थित गौरी शंकर मंदिर ले जाया गया जहां धार्मिक उत्साह के साथ भूमि पूजन किया गया।
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन से क्षेत्र में हर्ष का माहौल था। सांस्कृतिक चेतना एवं लोकाचार को बल मिला। छड़ी मुबारक धार्मिक पंचांग के अनुसार अपनी पारंपरिक यात्रा जारी रखेगी, जिसका समापन श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में अंतिम दर्शन के साथ होगा।
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नौ अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर श्री अमरनाथ पहुंचेगी छड़ी
छड़ी मुबारक को 27 जुलाई को श्री अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर में छड़ी स्थापना के लिए अनुष्ठान करने से पहले 24 जुलाई को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 25 जुलाई को शारिका भवानी मंदिर ले जाया जाएगा। पवित्र छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि पारंपरिक पवित्र छड़ी पूजन 29 जुलाई को नाग-पंचमी पर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर में किया जाएगा। महंत दीपेंद्र गिरि नौ अगस्त को श्रावण-पूर्णिमा पर पूजन और दर्शन करने के लिए पवित्र छड़ी को स्वामी अमरनाथ जी के पवित्र तीर्थस्थल पर ले जाएंगे।