जमीनों का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया और सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। जिला उपायुक्त जम्मू मिंगा शेरपा के निर्देशों पर राजस्व विभाग ने छंब सेक्टर के वर्ष 1965 एवं 1971 के शरणार्थी परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक (भू-अधिकार) देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को सीमांत गांव गोपड बस्ती में एक विशेष कैंप लगाया गया। इसमें जमीनों के कागजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
राजस्व विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरदावर बंसी लाल शर्मा और पटवारी मुश्ताक अहमद सहित अन्य कर्मी मौजूद थे। गांव के नंबरदार थोड़ू राम और श्याम लाल शर्मा ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2024 में इन शरणार्थी परिवारों को मालिकाना हक देने का आदेश जारी किया था। हालांकि, गांव में पहले कोई कैंप नहीं लगा था। जिला उपायुक्त मिंगा शेरपा के दौरे के दौरान लोगों ने विशेष कैंप की मांग की थी।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही जमीनों का मालिकाना हक मिलेगा। इसके बाद गांव के लोग सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। शरणार्थी परिवार अपना घर और जमीन छोड़कर यहां आकर बस गए थे। उन्हें खेती योग्य जमीन तो मिली, पर मालिकाना हक नहीं मिला था। अब उन्हें सरकार से जल्द मालिकाना हक मिलने की उम्मीद है।