भारतीय रेलवे ने हाल के वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार किए। इनसे न केवल देश की छवि बदली, बल्कि दुनिया ने भी भारत की तकनीकी क्षमताओं का लोहा माना। दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज भी इसी उपलब्धि में हैं। 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आर्च तकनीक पर बना यह पुल फ्रांस के एफिल टावर से भी ऊंचा है। 1315 मीटर इस ब्रिज की लंबाई है।
बोगीबील ब्रिज
एशिया का दूसरा सबसे लंबा रेल रोड ब्रिज है ये। असम के डिब्रूगढ़ में बना यह पुल ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट को जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर 2018 को इसका शुभारंभ किया था। इसकी सड़क पर लड़ाकू विमानों को भी उतारा जा सकता है। चीन की सीमा पर भारतीय सेना के साजो-सामान को आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
पंबन ब्रिज
यह एशिया का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज है। 2019 में नए पुल का निर्माण शुरू किया गया। इसकी लंबाई 2.8 किलोमीटर है। इसके 'लिफ्ट स्पैन' का आकार 72.5 मीटर लंबा, 16 मीटर चौड़ा और वजन 550 टन है। इसपर 535 करोड़ खर्च हुए। इसी साल अप्रैल में प्रधानमंत्री ने इस ब्रिज का लोकार्पण किया था।
नीलगिरि पर्वतीय रेलवे
तमिलनाडु में स्थित नीलगिरि पर्वतीय रेलवे यात्रियों को सुंदर पहाड़ियों से गुजरते हुए एक शानदार यात्रा का अनुभव देती है। इसकी कुल लंबाई 46 किलोमीटर है। इसकी विशेषताओं में रैक एंड पिनियन प्रणाली है। यह तकनीक ट्रेन को खड़ी चढ़ाई पर चढ़ने में मदद करती है। भारत में केवल नीलगिरी रेलवे में ही इसका उपयोग होता है।