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Jammu Kashmir: तमिलनाडु मॉडल की तर्ज पर प्रदेश में कीमोथैरेपी सुविधा जल्द

Wed, 31 Aug 2022 02:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

क्षेत्रीय कैंसर संस्थान जीएमसी जम्मू में रोजाना 20 से 30 कैंसर मरीज कीमोथैरेपी के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज उधमपुर, डोडा, राजोरी, पुंछ, रामबन जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों से होते हैं।
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कीमौथैरेपी - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में कैंसर मरीजों को तमिलनाडु मॉडल की तर्ज पर सितंबर से डे केयर कीमौथैरेपी सुविधा देने की तैयारी की जा रही है। इससे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को अधिक राहत मिलेगी। उन्हें सिर्फ पहले चरण की कीमोथैरेपी के लिए जम्मू और श्रीनगर के प्रमुख कैंसर संस्थानों में आना होगा, जबकि अन्य पांच चरण का उपचार उन्हें संबंधित जिला स्तर पर मिलेगा। 

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इसके लिए परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनपीसीडीसीएस (नेशनल प्रोग्राम फार कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवैसुकलर डिजीज एंड स्ट्रोक) कार्यक्रम के तहत 2.5 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसमें 500 मरीजों में प्रत्येक को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक चिकित्सा मदद दी जाएगी, जबकि अन्य खर्च आयुष्मान सेहत योजना के तहत वहन किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के प्रत्येक जिले में डे केयर कीमोथैरेपी सेवा के लिए जिला स्तर पर एक फिजिशयन और एक स्टाफ नर्स को तीन माह का प्रशिक्षण दिया गया है। सुविधा शुरू करने के लिए जिला स्तर के प्रबंधनों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के बीस जिलों के कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी और दूसरे उपचार के लिए प्रमुख स्किमस सोरा श्रीनगर व क्षेत्रीय कैंसर संस्थान जम्मू में आना पड़ रहा है। 
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इसमें दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों के लिए काफी दिक्कत होती है। उन्हें घंटों का सफर तय कर इन संस्थानों में पहुंचना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी के साथ आर्थिक और शारीरिक समस्याएं रहती हैं, लेकिन जिला स्तर पर कीमोथैरेपी सेवा शुरू होने से उन्हें गृह स्थल पर ही यह सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्रीय कैंसर संस्थान जीएमसी जम्मू के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि जिला स्तर पर सुविधा शुरू होने से कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे जम्मू में मरीजों का लोड कम होगा।

जीएमसी जम्मू में रोज 20-30 मरीज कीमोथैरेपी के लिए पहुंच रहे

क्षेत्रीय कैंसर संस्थान जीएमसी जम्मू में रोजाना 20 से 30 कैंसर मरीज कीमोथैरेपी के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज उधमपुर, डोडा, राजोरी, पुंछ, रामबन जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों से होते हैं। कीमोथैरेपी के लिए ऐसे मरीजों को पूरा दिन देना पड़ता है। कई मरीजों को उपचार के बाद शारीरिक समस्या होने के कारण जम्मू में रखना पड़ता है। संस्थान में पहुंचने वाले 77 प्रतिशत तक कैंसर मरीज तीसरी और चौथी स्टेज के होते हैं। 

इनमें अधिकांश गंभीर मरीज होते हैं। जम्मू संभाग में ही हर साल कैंसर के करीब दो हजार नए मामले मिल रहे हैं। पुरुषों में धूम्रपान से मुंह और गले के कैंसर की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा फेफड़े, फूड पाइप और लिवर का कैंसर सामान्य हो रहा है। महिलाओं में स्तन कैंसर बढ़ा है। कैंसर मामलों में जिला जम्मू सबसे ऊपर है।

क्या है कीमोथैरेपी

कीमोथैरेपी में इंजेक्शन के माध्यम से मानव शरीर में कैंसर की स्टेज के मुताबिक दवा की डोज दी जाती है। यह उन कैंसर के सेल को खत्म करता है जिससे वह फैल नहीं पाते हैं। कैंसर को शरीर में फैलने से रोकने और नियंत्रित करने के लिए कीमोथैरेपी दी जाती है। इससे कैंसर की स्टेज के मुताबिक बेहतर इलाज संभव है। अधिकांश दूसरी और तीसरे स्टेज के कैंसर मरीज को कीमोथैरेपी दी जाती है। इसमें कैंसर सेल के साथ कई बार शरीर के अन्य सेल भी प्रभावित होते हैं, जिसमें पीड़ित के बाल झड़ना, नाखुन उतरना, नाखुन काले पड़ना आदि शारीरिक समस्याएं आती हैं।

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