राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो)
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जम्मू-कश्मीर भाजपा के राज्य सचिव अनिल परिहार और उनके भाई की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सरगना जहांगीर सरूरी समेत सात आतंकियों के खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। इनमें तीन आतंकी मारे जा चुके हैं। परिहार बंधुओं की हत्या वर्ष 2018 में आतंकियों ने की थी। इसकी जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन ने ली थी।
एनआईए के प्रवक्ता के अनुसार जांच के दौरान एजेंसी ने हिजबुल के निसार शेख, निषाद अहमद बट और आजाद हुसैन सभी निवासी किश्तवाड़ को दबोचा। तीनों लोग आतंकी ओसामा-बिन-जाविद, हारून अब्बास वानी और जाहिद हुसैन के लिए काम करते थे, जिन्होंने परिहार बंधुओं की हत्या की।
जांच में सामने आया हिजबुल के इन आतंकियों ने ओजीडब्ल्यू के साथ मिलकर डोडा, किश्तवाड़ और रामबन क्षेत्र में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए यह सब किया। परिहार बंधुओं की हत्या के अलावा तीन अन्य आतंकी वारदातों को भी अंजाम दिया।
सारी साजिश किश्तवाड़ के पुराने आतंकी जहांगीर सरूरी ने रची थी जो अब तक जांच एजेंसियों के हत्थे नहीं चढ़ा है। परिहार बंधुओं की हत्या करने वाले और आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले तीनों आतंकी ओसामा-बिन-जाविद, हारून अब्बास वानी और जाहिद हुसैन अलग-अलग मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। तीनों आतंकियों, तीनों ओजीडब्ल्यू और जहांगीर सरूरी को एनआईए ने इस मामले में आरोपी बनाया है। जहांगीर के खिलाफ जांच अब भी जारी है।