एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व सहायक निदेशकों, टीएसओ, सुपरवाइजर, राशन डीलर और मिल मालिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के 39 अधिकारियों और मिल मालिकों के नाम आरोप पत्र में शामिल हैं। आरोपियों में दो अधिकारियों का देहांत हो चुका है।
सरकारी राशन घोटाले के 15 साल पुराने मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व सहायक निदेशकों, टीएसओ, सुपरवाइजर, राशन डीलर और मिल मालिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के 39 अधिकारियों और मिल मालिकों के नाम आरोप पत्र में शामिल हैं। अधिकारियों ने बीपीएल, अंतोद्य अन्न योजना और अन्नपूर्णा योजना के तहत जरूरत से दोगुना राशन सरकारी कोटे से निकालकर मिल मालिकों को बेच दिया।
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आरोप पत्र के मुताबिक 2004 से लेकर 2005 तक जम्मू के मढ़, सतवारी, भलवाल और डंसाल ब्लाक में राशन घोटाला किया गया। यह चारों ब्लॉक जम्मू ग्रामीण तहसील के अंतर्गत आते हैं। आरोपियों में मुख्य रूप से तब रहे सहायक निदेशक जम्मू मिल्स अशोक कुमार पंडिता और अन्य शामिल हैं।
एसीबी की जांच में पाया गया कि 48723 क्विंटल चावल और इतने ही गेहूं की जरूरत 2004 से 2005 के बीच थी, लेकिन उक्त अधिकारियों ने 95007 क्विंटल चावल और 136331 क्विंटल गेहूं निकाला। अधिकारियों ने इस राशन को सरकारी खाते में डीलरों के नाम जारी करना बताया, लेकिन हकीकत में डीलरों को यह राशन दिया नहीं गया।
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यह राशन मिलों में बेच दिया गया। इससे सरकारी खजाने को करीब 6 करोड़ 8 लाख रुपये का चूना लगाया गया। यह सारा पैसा उक्त लोगों ने मिलीभगत कर हड़प लिया। आरोपियों में शामिल गोपाल दास शर्मा और केके गंडोत्रा ने 2004 से 2005 के बीच 601 क्विंटल चावल भी बेचा।
इससे भी 5 लाख रुपये की चपत लगी। यह दोनों लोग तब सहायक निदेशक ट्रेड एंड स्टोर और टीएसओ जम्मू थे। इन दोनों पूव़ अधिकारियों का फिलहाल देहांत हो चुका है।