साजिश रचने से लेकर पनाह देने तक....तीनों पर ये हैं आरोप
टीआरएफ के टॉप कमांडर साजिद जट्ट ने पाकिस्तान से रची हमले की पूरी साजिश : पहलगाम में हुए आतंकी हमले में साजिद जट्ट मुख्य साजिशकर्ता और हैंडलर था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच और चार्जशीट के अनुसार पाकिस्तान में बैठे साजिद जट्ट की इस हमले में केंद्रीय भूमिका थी। जट्ट लश्कर-ए-ताइबा और उसके मुखौटा संगठन टीआरएफ का टॉप कमांडर है। उसने पाकिस्तान से ही इस हमले की पूरी साजिश रची। आतंकियों को निर्देश दिए और उन्हें व्हाट्सएप के जरिये टारगेट लोकेशन के कोऑर्डिनेट्स भेजे। जट्ट ने ही पाकिस्तान से विदेशी आतंकवादियों को इस हमले को अंजाम देने के लिए तैयार किया और घुसपैठ करवाई। टीआरएफ के ऑपरेशनल चीफ के तौर पर उसने हमले के लिए हथियार, फंडिंग और स्थानीय मददगारों की व्यवस्था की।
बशीर और परवेज ने आतंकियों को पनाह दी
स्थानीय पनाहगारों की भूमिका भी अहम मानी गई है। अभियोजन के मुताबिक 21 अप्रैल 2024 को बशीर अहमद जोथाड़ ने तीन संदिग्ध हथियारबंद व्यक्तियों को देखा, जिनकी बोली में पंजाबी लहजा था। उनके आतंकवादी होने का अंदेशा होने के बावजूद उसने पुलिस को सूचना नहीं दी, बल्कि उन्हें अपने भतीजे परवेज अहमद की झोपड़ी में ठहराया। वहां आतंकियों को भोजन, सामान और आश्रय दिया गया जिसके बदले उन्हें तीन हजार रुपये मिले। अदालत ने माना कि बशीर और परवेज की साजिश रचने में सीधी भूमिका नहीं मिली लेकिन आतंकियों को पनाह देने और सूचना न देने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
अब सुनवाई का चरण शुरू होगा
पहलगाम के मुख्य हमलावरों को पहले ही ऑपरेशन महादेव के तहत मार गिराया गया था। अब सिर्फ मददगारों और हैंडलर के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई चल रही है। आरोप तय होने के बाद मामला सुनवाई के चरण में प्रवेश कर गया है। विशेष अदालत में अब गवाही और सबूतों को पेश करने का दौर शुरू होगा। सब कुछ सुनने और देखने के बाद विशेष अदालत अपना फैसला सुनाएगी जिसमें बरी या सजा का एलान होगा।