बनी विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी गांव में दूसरे धर्म के त्यौहार को साथ मिलकर मनाया गया हो। हालांकि मुबारक देने का सिलसिला तो पहले भी रहता था। लेकिन इस बार बनी के दूर दराज गांव चंडियार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम की। बनी के इस गांव में सभी घर मुस्लिम समुदाय के लोगों के हैं।
यहां के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तैनात स्टाफ परिवार से दूर था, वहीं मुस्लिम भाईयों ने उनकी दिवाली को रोशन और यादगार बनाया। पीएचसी में तैनात डाक्टर रामेश्वर ने बताया कि इस बार दिवाली वह अपने परिवार से दूर मना रहे हैं। ऐसे में अंधेरा ढ़लते ही गांव के लोग भी पीएचसी पहुंचे। दिवाली की मुबारक देकर साथ में त्यौहार मनाया। उन्होंने बताया कि मुस्लिम बहुल इस गांव के लोगों ने देश और दुनिया के सामने एकता और अखंडता की मिसाल कायम की है।
दिवाली पर रोशनी करने के साथ ही गांव वासियों ने पीएचसी में आतिशबाजी की और पटाखे भी चलाए। नाच गाकर दिवाली का त्यौहार मनाया। बनी से विशेष तौर पर मिठाईयों का इंतजाम भी किया गया था। गांव के मुश्ताक, इरफान, ग्यासदीन, तौसीफ, नासिरदीन, अली मोहम्मद आदि ने बताया कि यह उनकी जिंदगी का कभी न भुलाया जा सकने वाला पल था। आज तक उन्होंने दिवाली दूर से मनाते हुए देखा था लेकिन पहली बार उन्हें दिवाली मनाने का मौका मिला है। यह आपसी भाईचारे को भी बढ़ाता है।