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राजनीतिक हलचल: नेकां में फूट के आसार, सात पूर्व मंत्री-विधायक बना सकते हैं अलग पार्टी

Wed, 16 Feb 2022 12:08 AM IST
Vikas Kumar बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू

सार

सूत्र बताते हैं कि इसी महीने की शुरूआत में श्रीनगर के एक गेस्ट हाउस में असंतुष्ट खेमे की हुई बैठक में नेकां से अलग होने की सूरत में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। यह तय किया गया कि गुट नेकां से अलग होकर नई पार्टी का गठन करेगा। पार्टी के प्रस्तावित नाम पर भी चर्चा की गई।
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नेशनल कांफ्रेंस फारूख अब्दुल्ला - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू में नेशनल कांफ्रेंस को झटका लगने के बाद अब कश्मीर में भी पार्टी में फूट के आसार हैं। पार्टी से जुड़े सात पूर्व मंत्री व विधायक असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। ये सभी गोपनीय बैठकें कर नई पार्टी बनाने में जुटे हुए हैं। पार्टी का नाम शेख अब्दुल्ला के नाम पर होगा। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगले दो महीने में नई पार्टी आकार ले सकती है। इससे नेकां के समक्ष चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। 

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नेकां से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी की कार्यप्रणाली तथा नीतियों से कई नेता असंतुष्ट हैं। इनमें से सात पूर्व विधायकों ने अलग पार्टी बनाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। ये सभी नेता उत्तरी, दक्षिणी व मध्य कश्मीर से जुड़े हैं। इनकी जनता के बीच पकड़ है। इनकी कई बैठकें भी हो चुकी हैं। 

सूत्र बताते हैं कि इसी महीने की शुरूआत में श्रीनगर के एक गेस्ट हाउस में असंतुष्ट खेमे की हुई बैठक में नेकां से अलग होने की सूरत में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। यह तय किया गया कि गुट नेकां से अलग होकर नई पार्टी का गठन करेगा। पार्टी के प्रस्तावित नाम पर भी चर्चा की गई। इसमें नेकां शेख अब्दुल्ला नाम पर नई पार्टी के नामकरण की सहमति बनी। बैठक में पार्टी के सेकेंड लाइन नेताओं के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा गया कि पार्टी हित के बजाय सभी अपने हित साधने में लगे हैं। पार्टी की नीतियों एवं कार्यप्रणाली को ताक पर रख दिया गया है। ऐसे में जनता के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। 
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सूत्रों के अनुसार परिसीमन आयोग के गठन तथा अंतरिम रिपोर्ट के बाद उत्पन्न स्थिति पर भी चर्चा की गई। इसमें यह भी बात सामने आई कि जिस प्रकार से अंतरिम रिपोर्ट सामने आई है उसके बाद कुछ नेताओं के बयान आए, लेकिन पार्टी ने इस पर लोगों के बीच जाकर हकीकत बताने का प्रयास नहीं किया। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। लोग यह समझ रहे हैं कि पार्टी ने इसे स्वीकार कर लिया है। नेकां के नेताओं ने नए सियासी घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है। इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। हालांकि पार्टी के सांसद हसनैन मसूदी का कहना है कि ऐसी किसी भी कोशिशों की उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी में कहीं से भी नाराजगी या असंतुष्ट होने की खबरें नहीं हैं। सारे पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं। 

पार्टी के उद्देश्यों को अवाम तक पहुंचाएंगे
असंतुष्टों के बीच यह भी सहमति बनी कि यह नई पार्टी कश्मीर के अवाम के बीच जाएगी और उन्हें बताएगी कि नेकां के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने किस उद्देश्य के गठन के लिए पार्टी बनाई थी। पार्टी का जम्मू-कश्मीर की राजनीति तथा अवाम की भलाई के लिए क्या योगदान रहा है और अब क्या हो रहा है। मौजूदा समय में पार्टी कहां खड़ी है, इसकी जानकारी भी जनता को दी जाएगी। 

जम्मू में भी लगा था झटका
जम्मू में भी नेकां को तगड़ा झटका लगा था। यहां से पार्टी के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के साथ ही पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया ने पार्टी छोड़ी। पूर्व संभागीय उपाध्यक्ष एवं कश्मीरी पंडित नेता अनिल धर, पूर्व डिप्टी मेयर धर्मवीर सिंह जमवाल के साथ ही नगर निगम के दो पार्षदों ने भी पार्टी का दामन छोड़ा। 

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