सीमांत इलाकों का चकरोई हाई स्कूल सामान्य दिनों में छात्र-छात्राओं की किलकारियों से गूंजता रहता है लेकिन बुधवार को स्कूल परिसर में बच्चे नजर नहीं आए। चारों ओर भैंस और अन्य पशु बंधे थे। क्लास रूम के बरामदे में महिलाएं खाना बनाने में व्यस्त थीं।
कक्षाओं में सीमांत इलाकों के लोगों का सामान भरा था। जो गांव छोड़ने से पहले अपने साथ लेकर पहुंचे थे। ज्योड़ा फार्म में सुबह हुई गोलाबारी के बाद गांव के लोगों ने अपने घरों को खाली छोड़ इसी स्कूल में पनाह ली है।
स्कूल का लान काफी बड़ा है लेकिन चारों ओर पशु ही पशु नजर आ रहे हैं। यूं कहे कि स्कूल गुज्जर बस्ती में तब्दील हो गया तो गलत नहीं होगा। इन सबके बीच गुज्जरों के नन्हे बच्चे बिना किसी भय के स्कूल में खेलते नजर आए।