अपनी पार्टी के टिकट पर कई युवा पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इनमें जिलानी कुमार, ओवैस खान, मोहम्मद अशरफ पालपोरी, मुनव्वर ख्वाजा, डॉ. नूर-उद-दीन और अता मोहम्मद शामिल हैं। पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती भी पहली बार चुनावी दौड़ में शामिल हैं। उनके अलावा, सैयद तजामुल इस्लाम, वहीद-उर-रहमान पर्रा और आगा सैयद मुंतजिर मेहदी जैसे युवा भी पहली बार चुनावी मैदान में हैं।
भाजपा ने भी युवा चेहरों पर भरोसा जताया है। शगुन परिहार जैसे नए चेहरे पार्टी की उम्मीदों का प्रतीक बने हैं। कई सीटों पर नए उम्मीदवारों के आने से पार्टी की रणनीति में भी बदलाव देखा जा रहा है। ये नए उम्मीदवार अपने काम और मेहनत से पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा कर रहे हैं।
लाल चौक के नेकां उम्मीदवार अहसान परदेसी ने कहा कि पार्टी ने महत्वपूर्ण सीट से उन पर विश्वास जताया है और वह पार्टी नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मेहनत करेंगे। इस बार के चुनाव में युवा ऊर्जा का जोरदार प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई दिशा और दृष्टिकोण देखने को मिल सकता है।