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सीमा के हालात पर है केंद्र की नजर, BSF को कड़ी कार्रवाई करने की छूट

Sun, 30 Oct 2016 01:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाक फौज की बढ़ती गतिविधियों के इनपुट्स के बाद बीएसएफ ने बदली रणनीति के तहत काम करना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार से खुली छूट मिलने के बाद नई रणनीति के तहत अब ज्यादा आक्रामक तरीके से दुश्मनों का जवाब देने की रणनीति पर काम हो रहा है।
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केंद्रीय गृह मंत्री तथा बीएसएफ के डीजी को लगातार सीमा के हालात की जानकारी दी जा रही है। आईजी बीएसएफ डीके उपाध्याय का कहना है कि चौकस जवान किसी भी स्थिति का मुकाबला करने को तैयार हैं। पाक को उसकी करतूतों का कड़ा जवाब दिया जा रहा है। 

गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल समेत शीर्ष अधिकारियों को सीमा पर हर कार्रवाई के विषय में पूरी जानकारी दी जा रही है। सरकार ने भी सीमा पर किसी अप्रिय हरकत से पूरी सख्ती से निपटने की छूट दे रखी है। 
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आईबी पर बदली रणनीति के तहत दुश्मनों पर कार्रवाई

आईबी पर बदली रणनीति - फोटो : File Photo
सूत्रों का कहना है कि पाक गोलाबारी के बीच आईबी पर इस बात को लेकर भी अलर्ट है कि कहीं गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ न होने पाए। दरियाई नालों तथा सीमा से लगते सुरंगों पर खासकर निगरानी की जा रही है। नाइट विजन डिवाइस के साथ ही अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का भी सहारा लिया जा रहा है।

कहा जा रहा है कि पाक रेंजर के ड्रेस में आईबी पर पाक सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। ऐसे में दोहरे खतरे को देखते हुए गोलाबारी का जवाब दिया जा रहा है। आईबी पर कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर, सांबा जिले में सांबा सेक्टर, जम्मू में आरएस पुरा, अरनिया, परगवाल सेक्टर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

एक सप्ताह पहले कुछ नक्शों के साथ पकड़े गए अरनिया के व्यक्ति से लगातार पूछताछ कर पाक के मंसूबों को जानने की कोशिश की जा रही है।
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इतने व्यापक पैमाने पर गोले नहीं गिरे

सीमा पर गोलाबारी - फोटो : File Photo
भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लेकर भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक पाकिस्तान की ओर से पिछले कई दिनों से की जा रही लगातार फायरिंग से सीमांत गांव खाली पड़े हुए हैं। सरहदी गांव के  लोगों का कहना है कि पहले भी गोलाबारी होती रही है, लेकिन इतने व्यापक पैमाने पर गांवों में गोले नहीं गिरते रहे हैं।

वर्ष 1999 में पलांवाला सेक्टर में भारी गोलाबारी हुई थी, लेकिन गांवों तक गोले नहीं गिरे थे। इस बार गांवों में कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान के मरचोला पोस्ट से दागे गए गोले से डोइयां गांव में कई घर तबाह हुए हैं। रमेश की घर के छत में सुराख होने के साथ ही छत की पूरी रेलिंग उखड़कर दूर जा गिरी है। 
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