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कश्मीर की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को मदद देगा केंद्र

Thu, 22 Dec 2016 01:15 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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वित्तमंत्री अरूण जेटली - फोटो : PTI
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कश्मीर हिंसा के कारण पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र  ने हिंसा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए उदार मदद पर सहमति दे दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू को को कई अहम सुझाव दिए हैं। जेटली की सलाह पर अमल करते हुए द्राबू ने एक्शन प्लान बना लिया है।
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इसकी झलक रियासत के बजट में दिखेगी। रियासत के इतिहास में दूसरी बार जनवरी में पेश होने वाले बजट में रियायतों की सौगात की तैयारी की जा रही है। हिंसा से घाटी में दस हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री जेटली से मुलाकात में बैंक ऋणों की अदायगी को नए सिरे से निर्धारित करने की मांग की थी।

बाद में द्राबू और जेटली की मुलाकात में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। कश्मीर में हिंसा के कारण बैंकों के दो लाख खातों से ऋणों के एवज में किस्तों का भुगतान साढ़े चार महीने से नहीं हो पाया। व्यापार और पर्यटन चौपट हो गया। डिफाल्टर होने के कारण व्यवसायियों के ऐसे एकाउंट को नान परफार्मिंग करार दिया गया है। जेटली की अनुशंसा के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अब इन ऋणों की ईएमआई को नए सिरे से गठित करने को मंजूरी दी है। 
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हिंसा के पीड़ितों के लिए मुआवजे की ठोस व्यवस्था चुनौती

कश्मीर में 4 महीनों से ज्यादा चली थी हिंसा - फोटो : फाइल फोटो
केंद्र के उदार सहयोग के बाद डॉ. द्राबू जब 9 जनवरी को कार्यकाल की तीसरा बजट पेश कर रहे होंगे तो उनके समक्ष हिंसा पीड़ितों व्यवसायियों और अन्य तबकों के मुआवजे के लिए ठोस व्यवस्था की चुनौती होगी। कश्मीर उपद्रव के अलावा पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन की मार झेलने वाले बार्डर के ग्रामीणों को भी नए बजट से आस है। इसे पूरा करना की चुनौती भी है।

सत्ता का घटक दल पीडीपी कश्मीर हिंसा पीडितों की मदद के लिए माहौल बना रहा है तो भाजपा बार्डर के लोगों के लिए पिटारा खोलने का दबाव बना रही है। इससे पहले गुलाम नबी आजाद के मुख्यमंत्रित्व काल में तत्कालीन वित्त मंत्री तारिक हमीद कर्रा ने जनवरी में बजट पेश किया था। इस बार द्राबू जनवरी में बजट पेश कर लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था संभालना चाहते हैं। 
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प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज से बदलेगी स्थिति

pm narendra modi - फोटो : File Photo
वित्त विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी नवीन चौधरी ने कहा है कि लेह का इलाका बर्फवारी के कारण लंबे समय तक कटा रहता है। कश्मीर में भी ऐसे हालात पैदा होते हैं। जनवरी में बजट पेश होने से समय पर योजनाओं के लिए फंड आवंटन हो सकेगा और विकास को गति मिल सकेगी। 

वित्त राज्य मंत्री अजय नंदा कहते हैं कि केंद्र से रियासत को लगातार उदार मदद मिल रही है। अर्थसंकट टल रहा है। प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज में विभिन्न विभागों को फंड मिलना शुरू हो गया है। नए बजट को उदार बनाने की तैयारी चल रही है। 
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