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जम्मू-कश्मीरः आईएएस बसीर खान के सेवा विस्तार को केंद्र सरकार ने सही ठहराया

Sun, 16 Feb 2020 03:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बसीर अहमद खान - फोटो : बासित जरगर
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कश्मीर के मंडलायुक्त बसीर अहमद खान को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिए जाने के फैसले को केंद्र सरकार ने सही ठहराया है। जम्मू हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया था। याची पक्ष ने कहा था कि आईएएस अफसर के खिलाफ गुलमर्ग भूमि घोटाले का केस है। केंद्र ने कार्मिक प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के माध्यम से हलफनामा दायर कर बसीर अहमद खान के सेवा विस्तार को बेहद जरूरी बताया है।

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कोर्ट में केंद्र ने पक्ष रखते हुए कहा है कि बसीर अहमद खान के सेवा विस्तार का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने दिया है। उन्होंने कश्मीर के अधिकांश जिलों में दक्षता के साथ सेवाएं दी हैं। प्रदेश में आईएएस कैडर के अफसरों के भारी अभाव की भी दलील दी गई है।

इस मामले में सरकार ने 30 जून 2019 को आदेश जारी कर सेवा विस्तार का फैसला किया था। जिसे याची पक्ष ने बसीर अहमद खान को सेवा विस्तार दिए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए खान के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले का हवाला दिया था।

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बसीर अहमद के खिलाफ गुलमर्ग भूमि घोटाले में मामला दर्ज किया गया था

कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि दागी छवि वाले अफसर को महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तर्क को सही बताया। नोटिस के जवाब में केंद्र ने कहा है कि बसीर अहमद खान ने कश्मीर घाटी में उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। वैसे भी जम्मू-कश्मीर में आईएएस कैडर के स्वीकृत 137 पदों की जगह केवल 68 अफसर ही तैनात हैं।

इनमें से भी 13 अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। उल्लेखनीय है कि बसीर अहमद खान के खिलाफ गुलमर्ग भूमि घोटाले में मामला दर्ज किया गया था। इसमें आईएएस अफसर महबूब इकबाल समेत कई अन्य अफसरों को आरोपी बनाया गया था।
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