कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि दागी छवि वाले अफसर को महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तर्क को सही बताया। नोटिस के जवाब में केंद्र ने कहा है कि बसीर अहमद खान ने कश्मीर घाटी में उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। वैसे भी जम्मू-कश्मीर में आईएएस कैडर के स्वीकृत 137 पदों की जगह केवल 68 अफसर ही तैनात हैं।
इनमें से भी 13 अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। उल्लेखनीय है कि बसीर अहमद खान के खिलाफ गुलमर्ग भूमि घोटाले में मामला दर्ज किया गया था। इसमें आईएएस अफसर महबूब इकबाल समेत कई अन्य अफसरों को आरोपी बनाया गया था।