बता दें कि पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) के अध्यक्ष शाह फैसल पर भी पीएसए लगा दिया गया है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से हिरासत में चल रहे फैसल पर शुक्रवार की रात पीएसए लगाया गया। यह आठवें कश्मीरी नेता हैं, जिन पर पीएसए के तहत कार्रवाई हुई है।
फैसल को पीएसए के लोक व्यवस्था प्रावधान के तहत निरुद्ध किया गया है। इसमें उन्हें बिना किसी मुकदमे के छह महीने तक बंद रखा जा सकता है। फैसल फिलहाल एमएलए हॉस्टल में बंद हैं। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि उन्हें यहीं रखा जाएगा या फिर कहीं शिफ्ट किया जाएगा।
फैसल को पिछले साल 13-14 अगस्त की रात में दिल्ली हवाईअड्डे पर इस्तांबुल (टर्की) के लिए उड़ान भरने से पहले रोक लिया गया था। इसके बाद उन्हें श्रीनगर लौटा दिया गया था, जहां से हिरासत में ले लिया गया था। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती के अलावा अली मोहम्मद सागर, सरताज मदनी, हिलाल लोन तथा नईम अख्तर को पीएसए के तहत निरुद्ध किया गया है।
फारूक को सबसे पहले 17 सितंबर को पीएसए के तहत निरुद्ध किया गया था। दिसंबर में तीन महीने के लिए पीएसए और बढ़ा दिया गया। छह फरवरी को उमर व महबूबा की हिरासत की अवधि छह महीने पूरा होने से कुछ घंटे पहले ही दोनों पर पीएसए लगाया गया था।