केंद्र सरकार ने रिफ्यूजियों का एकमुश्त पैकेज लौटा दिया है। रियासत कैबिनेट ने भारी विवाद के बाद एक माह पहले ही पैकेज का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा था। केंद्र सरकार ने इसे लौटाते हुए कहा है कि इसमें पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को नागरिकता का प्रस्ताव भी शामिल किया जाना चाहिए। पैकेज की वापसी के बाद सियासत गरमा गई है।
कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति बना रही है। पैकेज प्रस्ताव एक बार फिर रियासत के राजस्व विभाग के पास आ गया है। चुनाव के कारण इस पर तत्काल निर्णय संभव नहीं है। नतीजतन मामला फिर से ठंडे बस्ते में डाले जाने की आशंका बढ़ गई है। राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक केंद्र ने शर्तों के साथ पैकेज प्रस्ताव लौटाया है। कश्मीर के सियासी दल रिफ्यूजियों को पैकेज देने का विरोध करते रहे हैं। कैबिनेट में यह मुद्दा लंबे समय से लटका था।
जुलाई में कांग्रेस के मंत्रियों उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा, बागवानी मंत्री रमन भल्ला और सहकारिता मंत्री मनोहर लाल शर्मा ने इस मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार किया था। कांग्रेस के मंत्री लगातार इस पर दबाव बनाते रहे।