अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शिक्षा विभाग ने निदेशालय, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जोनल शिक्षा अधिकारी स्तर पर गठित सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है। साथ ही इनके संचालन के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारियों को भी हटा दिया है। इन प्रकोष्ठों में काम के लिए लगाए गए कर्मचारियों को मूल स्थान पर लौटना होगा। सभी अभिलेख एवं अन्य सामग्री भी लिपिक को सौंपनी होगी।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि क्लस्टर प्रमुख द्वारा स्कूल स्तर पर इन गतिविधियों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के गतिविधि कैलेंडर के अनुसार प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित किया जाए। किसी भी स्थिति में शैक्षणिक गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
छात्रों की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा हेतु नियमित रूप से प्रत्येक 15 दिन में एक बार माता-पिता शिक्षक बैठक 27 अक्तूबर, 29 जनवरी, 26 मार्च को आयोजित की जाए।
विद्यालयों में संचालित गतिविधियों की निगरानी और समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, परामर्श प्रकोष्ठ, समन्वय प्रकोष्ठ, मीडिया प्रकोष्ठ, नवाचार प्रकोष्ठ, एनसीसी प्रकोष्ठ का गठन निदेशालय, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जोनल शिक्षा अधिकारी स्तर पर किया गया था। यह सब राष्ट्र शिक्षा नीति 2020 को विद्यालय आधारित और विकेंद्रीकृत क्रियान्वयन को प्राथमिकता देना है।