जम्मू-कश्मीर के पुंछ में दो दिन की खामोशी के बाद बुधवार को एक बार फिर पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग के क्रॉस एलओसी ट्रेड सेंटर को निशाना बना कर भारी गोलाबारी की। पांच गोले क्रॉस एलओसी ट्रेड सेंटर पर दागे। इससे वहां अफरातफरी मच गई। पाकिस्तान की तरफ से दागे गए गोलों की वजह से ट्रेड सेंटर में बने शेड और एक्स-रे रूम को भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
गोलाबारी के दौरान वहां मौजूद प्रशासन के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी, मजदूर और ट्रक चालकों ने भाग कर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद क्रास एलओसी ट्रेड स्थगित कर दिया गया। जिले के कृष्णाघाटी, गुलपुर, करमाड़ा, सलोत्री, जलास में भी पाकिस्तान ने गोले दागे।
बुधवार सुबह करीब 10.50 बजे पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी शुरू कर दी। करीब एक बजे पाकिस्तानी सेना ने क्रास एलओसी ट्रेड सेंटर को भी निशाना बना कर एक के बाद एक 120 एमएम के पांच गोले दागे।
तीन गोले ट्रेड सेंटर के अंदर और दो बाहर गिरे। गोले फटने से वहां धुआं भर गया। मौके पर मौजूद ट्रक चालक, अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और मजदूरों को जहां छिपने की जगह मिली, वहीं छिप गए। धुआं छंटते ही वहां से भाग खड़े हुए। पीओके जाने वाला जो सामान जांच के लिए जहां पड़ा था, वहीं पड़ा रहा।
क्रास एलओसी ट्रेड कस्टोडियन फरीद अहमद कोहली का कहना था कि मंगलवार की ही तरह बुधवार को भी क्रास एलओसी ट्रेड सेंटर में काम सामान्य रूप से चल रहा था। अचानक एक बजे के करीब नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी की आवाजें आने लगीं। इससे पहले की लोग कुछ समझ पाते दो मोर्टार शेल ट्रेड सेंटर में आकर गिरे। उसके बाद लगातार तीन और शेल आसपास आकर गिरे।
जिस समय गोलाबारी शुरू हुई, भारत के 35 ट्रक सामान लेकर पीओके जा चुके थे, जबकि पीओके के 34 ट्रक चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन के इस पार आ गए थे। उन्हें इमिग्रेशन सेंटर में रोक दिया गया और गोलाबारी थमने के बाद उन्हें बैरंग लौटा दिया गया। भारत के 35 ट्रक पीओके में सामान उतार कर लौट आए हैं।