इंटरनेशनल बार्डर पर रहने वाले लोगों के लिए हर एक त्योहार अब बेमजा हो चुका है। पिछले कुछ सालों से त्योहारों के सीजन में होने वाली पाक गोलाबारी ने लोगों की जिंदगी को बेरंग कर दिया है। करवाचौथ को ही ले लीजिए। पिछले साल यहां राहत कैंपों में करवाचौथ पर महिलाओं ने चांद का दीदार किया था, तो इस साल भी महिलाओं के मन में डर बैठा हुआ है।
महिलाओं को लगता है कि कहीं ऐसा न हो कि वह चांद का दीदार करने के लिए छतों पर चढ़ें और उस तरफ से कोई गोला आकर गिरे और सबकी जान ले जाए। यह भी एक कारण है कि इस साल बार्डर पर रहने वाली महिलाएं सिर्फ पति की लंबी दुआ के लिए ही नहीं, बल्कि पाक गोलाबारी न होने को लेकर भी दुआ करेंगे।
अरनिया की रहने वाली संगीता का कहना है कि पिछले वर्ष भी डर के साय में चांद का दीदार किया था। इस साल भी डर लग रहा है। जब भी करवाचौथ आता है तो डर के साय में छत पर जाना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष करवाचौथ के वक्त परगवाल, पलांवाला सेक्टर में जबरदस्त गोलाबारी हो रही थी। इस वजह से महिलाओं ने अपना करवाचौथ राहत शिविरों में मनाया था। इस साल आरएस पुरा, अरनिया, सहित अन्य इलाकों में भी महिलाओं में डर का माहौल है।