फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई ने रोशनी एक्ट घोटाले में तीन अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच अपने हाथों में ली 

Mon, 16 Nov 2020 06:39 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
सीबीआई - फोटो : ani
विज्ञापन

सीबीआई ने बंसी लाल गुप्ता, एक अज्ञात अधिकारी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रोशनी भूमि घोटाले में मामले दर्ज कर जांच अपने हाथों में ले ली है। सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।

विज्ञापन

 

ये मामले राज्य की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को अनुचित लाभ देने और रोशनी अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करने के आरोप में दर्ज किए गए हैं। 

उच्च न्यायालय द्वारा जम्मू-कश्मीर के चर्चित रोशनी एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए खारिज करने के बाद राज्य सरकार ने इसके तहत बांटी गई सारी जमीनों का दाखिल-खारिज यानी नामांतरण रद्द कर छह महीने में जमीनें वापस लेने का फैसला किया था। सरकार ने एक्ट के तहत की गई अब तक की सभी कार्रवाई को रद्द करने का आदेश भी जारी किया था। इसके साथ ही रोशनी एक्ट के तहत जमीनें लेने वाले प्रभावी लोगों समेत सभी लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक करने को कहा गया है। उप राज्यपाल की सहमति से कानून और संसदीय कार्य विभाग ने यह आदेश जारी किया था। 

साप्ताहिक समीक्षा होगी
न्यायालय ने आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए यह जरूरी है कि आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इसके तहत राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से रोशनी एक्ट के तहत समय-समय पर किए गए संशोधनों को रद्द करने का आदेश जारी होगा। 
विज्ञापन


सरकारी जमीन पर कब्जाधारकों से जमीन छुड़ाने की कार्ययोजना बनाने के साथ ही छह महीने के भीतर ऐसी सभी भूमि को वापस हासिल किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि राजस्व विभाग साप्ताहिक आधार पर आदेश के तहत की गई कार्रवाई का ब्योरा सामान्य प्रशासन विभाग के साथ साझा करेगा। 

सरकारी जमीन का ब्योरा जारी करने के आदेश
आदेश में कहा गया है कि प्रमुख सचिव राजस्व विभाग एक जनवरी 2001 के आधार पर सरकारी जमीन का ब्योरा एकत्र कर उसे वेबसाइट पर प्रदर्शित करेंगे। साथ ही जमीन पर अवैध कब्जाधारकों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे। 

इसमें रोशनी एक्ट के तहत आवेदन प्राप्त होने, जमीन का मूल्यांकन, लाभार्थी की ओर से जमा धनराशि, एक्ट के तहत पारित आदेश का भी ब्योरा देना होगा। साथ ही यदि जमीन किसी के नाम हस्तांतरित की गई होगी तो उसका विवरण भी देने को कहा गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें