क्राइम ब्रांच और एसीबी की जांच से लोग संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं। इन एजेंसियों के पास मामलों की जांच चल रही थी। बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। सबसे बड़ा उदाहरण रोशनी घोटाला है। रोशनी घोटाले की जांच एसीबी के पास थी। हाईकोर्ट ने एसीबी को फटकार लगाते हुए इसकी जांच भी सीबीआई को दी।
शिकायतों और मांग का लंबा ग्राफ
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सीबीआई के पास कई शिकायतें पहुंच रही हैं। पिछले डेढ़ साल में सीबीआई के पास सौ से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इसके अलावा कई पार्टियों और दलों ने समय-समय पर विभिन्न मामलों की जांच सीबीबाई से कराने की मांग भी की है।