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जेके बैंक के संबंधित मामलों पर सुनवाई सीएटी का क्षेत्राधिकार नहीं

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जम्मू। जेके बैंक से संबंधित किसी भी मामले पर सुनवाई करना केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) का क्षेत्राधिकार नहीं है। जेके बैंक में पीओ और बैंकिंग एसोसिएट की भर्ती से संबंधित मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने यह आदेश दिया।
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इससे पहले एडवोकेट जनरल डीसी रैना ने कहा कि जेके बैंक अब पब्लिक अथॉरिटी है। यूटी बनने के बाद यह पब्लिक अथॉरिटी बन गई है। इसके तहत हाईकोर्ट का अधिकार नहीं कि वह इस मामले पर सुनवाई करे। सीएटी एक्ट अब जम्मू कश्मीर में लागू हो चुका है। इसके विपरीत हाईकोर्ट ने पाया कि जेके बैंक पर यूटी बनने के बाद भी केंद्र या फिर प्रदेश सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। जेके बैंक एक स्वतंत्र बॉडी है। जिसका वेतन बैंक देता है, सरकार नहीं। न ही सरकार किसी कर्मी को सस्पेंड कर सकती है या रख सकती है। बैंक खुद सबकुछ करता है। रही बात सीएटी एक्ट लागू होने की तो एक्ट के तहत कुछ विभागों को रखा है। इनमें जेके बैंक का नाम शामिल नहीं है। इसलिए जेके बैंक के संबंधित मामलों की सुनवाई करना सीएटी का क्षेत्राधिकार नहीं है। अब इस मामले में 20 जुलाई को अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।
2018 में हुई थी भर्तियां
2018 में 350 पीओ और 1500 बैंकिंग एसोसिएट के पद पर भर्ती हुई थी। इसको बीते महीने रद्द कर दिया गया। दोबारा से भर्ती करने की अधिसूचना जारी की गई थी। इस अधिसूचना को 2018 में चयनित उम्मीदवारों ने चुनौती दी थी। इसके बाद कोर्ट ने बैंक को भर्ती प्रक्रिया रोकने के लिए कहा। लेकिन अभी कुछ दिन पहले ही हाईकोर्ट ने बैंक को अनुमति दी कि वह भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकता है। लेकिन अंतिम चयनित सूची जारी तब तक नहीं होगी, जब तक इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं आता। जेएनएफ
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