विधानसभा में वीरवार को कांग्रेस ने पीडीपी पर अनंतनाग उपचुनाव में जीत के लिए वोटरों में पैसे बांटने का आरोप लगाया। इस बयान ने सदन में सनसनी फैला दी। स्पीकर द्वारा इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर कांग्रेस के साथ नेकां विधायकों ने वाक आउट कर दिया।
प्रश्नकाल खत्म होने के साथ जैसे ही पीएचई मंत्री शाम लाल चौधरी ने अपने विभाग के अनुदान मांग का प्रस्ताव रखना शुरू किया, तभी कांग्रेस विधायक दल के नेता न्वांग रिग्जिन सीट से खड़े हो गए और तेज आवाज में बोलना शुरू कर दिया। जोरा ने कहा कि बीते मंगलवार को अनंतनाग जिले के अशाजीपुरा में पुलिस ने एक कार को पकड़ा।
उन्होंने कहा कि कार में दो लोग थे और उनके पास से 58 लाख रुपये बरामद हुए। इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को जेेके बैंक का कर्मचारी बताया है। यह पैसा अनंतनाग में 22 जून को होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर पीडीपी द्वारा वोटरों में बांटा जाना था।
जोरा ने कहा कि जब हमने ने जांच की, तो जेके बैंक की स्थानीय शाखा प्रबंधक ने कहा कि पैसा बैंक का है और उन्होंने इसे खजाने में जमा कराने के लिए भेजा था। कांग्रेस विधायक ने कहा कि बैंक का पैसा खजाने में ले जाने का एक तरीका है, उसके साथ पुलिस होती है।
लेकिन, जिस तरह से यह पैसा बरामद हुआ है, उससे नहीं लगता कि यह खजाने में भेजा जा रहा था। रात को कौन सा खजाना खुला होता है, जहां यह पैसा जमा होना था। इसलिए, स्पीकर साहब इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। यह पैसा चुनाव में इस्तेमाल होना था। इस बीच नेकां के भी विधायक सीटों से खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने लूट मार बंद करो, पैसा बांटना बंद करो के नारे लगाए।
इस बीच सदन में मौजूद सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने कांग्रेस विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव केंद्रीय चुनाव आयोग करा रहा है। सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। यह पैसा आप लोगों का भी हो सकता है। अगर आपको कोई शिकायत है, तो केंद्रीय चुनाव आयोग में जाइए, सबूत दीजिए। आप यहां सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाक आउट कर दिया।