पार्टियों और यारी दोस्ती में इकट्ठा होने वालीं युवतियां भी नशे की लत में पड़ रही हैं। ग्रुप एडिक्शन में बड़े ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों की रहने वाली मध्यम एवं गरीब परिवार की लड़कियां भी शामिल हैं। निजी क्लीनिकों में नशे की लत में जकड़ी युवतियों के परिवारवाले उन्हें लेकर पहुंच रहे हैं।
दरअसल, सरकारी केंद्र में जाते वक्त शर्म महसूस होने पर निजी क्लीनिकों का रुख किया जा रहा है। सबसे ज्यादा हेरोइन के मामले सामने आ रहे हैं। स्कूल कालेजों में भी इसका चलन बढ़ने लगा रहा है। जानकारी के अनुसार पार्टियों और ग्रुप में रहने वाले युवाओं में नशे का सेवन करने का चलन बढ़ गया है। जब युवक नशे का सेवन करते हैं तो उसमें शामिल युवतियों को भी कश लगाने के लिए कहते हैं। बस यहीं से एक कश लगाते हुए नशे की लत लग रही है।
मनोचिकित्सक विशेषज्ञ डाक्टर जगदीश थापा का कहना है कि सरकारी केंद्र को छोड़कर निजी क्लीनिकों का रुख किया जा रहा है। जहां अभिभावक अपनी बच्चियों को नशे की लत छुड़ाने के लिए आ रहे हैं। ग्रुप एडिक्शन में युवतियां नशे की लत में आ रही हैं। अभिभावकों को अपनी बेटियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि उन्हें बुरी ग्रुप संगत से बचाएं।
नशे की तस्करी में युवतियां भी हो रही हैं शामिल
नशे की तस्करी में युवतियां भी हो रही हैं शामिल
- फोटो : demo pics
सूत्रों की मानें तो नशे की लत ने युवतियों को इसकी तस्करी करने में भी लगा दिया है। ग्रामीण इलाकों की युवतियां भी इसमें शामिल हैं। पहले यह बड़े घरों की युवतियों के साथ नशे की लत में आ जाती हैं। जब नशा न पूरा हो तो फिर तस्करी में शामिल हो जाती है, ताकि अपना नशा पूरा किया जा सका। सबसे ज्यादा हेरोइन के नशे की लत युवतियां में लगी है।
नशे की तस्करी करते महिला गिरफ्तार
नशे की तस्करी का मामला
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कुछ दिन पहले पुलिस ने बस स्टैंड से एक महिला को चरस के साथ पकड़ा है। इससे पहले राजोरी में महिला को नशे की तस्करी में पकड़ा। बख्शी नगर पुलिस की तरफ से एक महिला एसपीओ को नशे की तस्करी करते हुए पकड़ा गया। शहर के बहुचर्चित मौत मामले में पता चला कि युवती की मौत नशे का अधिक सेवन करने से हुई थी। वह अपने साथियों के साथ जबरदस्त नशा करती थी।