जम्मू। राजीव गांधी ट्रस्ट की संपत्ति के हेरफेर के मामले में क्राइम ब्रांच ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और ट्रस्ट सदस्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों में नायब तहसीलदार की मौत हो चुकी है। धोखाधड़ी के आरोप में जिन पर केस दर्ज किया गया है, उनमें ट्रस्ट के एग्जीक्यूटिव एडवोकेट अशोक विजय गुप्ता, मृतक प्रेम प्रकाश (उस समय अवतारा चक बिश्नाह तहसील के नायब तहसीलदार थे), पूर्व पटवारी शिव कुमार, मौजूदा गिरदावर बिश्नाह अनवर सढोत्रा और कुछ अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच के पास हिंदू भूषण गुप्ता की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के रिश्तेदार हिमिश्वर गुप्ता का 26 साल पहले दिल्ली में देहांत हो गया था। हिमिश्वर गुप्ता का कोई वारिस नहीं था तो उनके अंतिम संस्कार की सभी रस्में उनके पिता रघुनाथ दास ने निभाईं। मरने से पहले हिमिश्वर गुप्ता ने अपनी संपत्ति के लिए एक विल डीड तैयार की, जिसमें अपने चार करीबी दोस्तों को ट्रस्टी बनाया गया। साथ ही ट्रस्ट का नाम राजीव गांधी ट्रस्ट रखा गया, लेकिन इन चार लोगों में से अशोक विजय गुप्ता ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संपत्ति में हेरफेर कर दिया। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच की और हेरफेर के आरोपों को सही पाया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।