आतंकियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले एक जाट और जेएनयू के डिग्री धारक शहीद कैप्टन पवन कुमार के लिए सिर्फ देश का प्यार ही मायने रखता था।
हरियाणा में उनके समुदाय के लोगों द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग और जेएनयू परिसर में लगी ‘आजादी’ के नारों से उनका कोई वास्ता नहीं था।
स्पेशल फोर्स के 23 वर्षीय कैप्टन पवन कुमार ने शनिवार को अपने आखिरी फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘किसी को रिजर्वेशन चाहिए तो किसी को आजादी भाई। हमें कुछ नहीं चाहिए भाई। बस अपनी रजाई।’ जम्मू-कश्मीर के पांपोर में आतंकियों के खिलाफ अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए कैप्टन पवन शहीद हो गए।