सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए महिलाओं और बच्चों को अपने आगे रखा। तभी आतंकियों ने पीछे से गोलियों की बौछार कर दी। कैप्टन को गोलियां लगीं। वह घायल हो गए। फिर भी उन्होंने महिलाओं और बच्चों को बीच रास्ते में नहीं छोड़ा, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद खुद बेहोश होकर गिर पड़े। उसके बाद भी आतंकी बेहोश पड़े कैप्टन पर गोलियां दागते रहे।
राजोरी में बुधवार को शुरू हुई मुठभेड़ 28 घंटे से अधिक चली। इसमें सेना के पांच जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान के दुर्दांत आतंकी कारी समेत दो दहशतगर्दों को मार गिराया गया। मुठभेड़ में दो कैप्टन समेत पांच जवानों ने बलिदान दिया। बुधवार को मुठभेड़ के दौरान दो कैप्टन समेत चार बलिदान हो गए थे।