रियासत की दोनों राजधानी शहरों के समग्र विकास के लिए अलग से राजधानी शहर विकास योजना (कैपिटल सिटी डेवलपमेंट प्लान-सीसीडीपी) बनेगी। इसे जिला विकास योजना से अलग किया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में सोमवार को श्रीनगर जिला विकास बोर्ड की हुई बैठक में किया गया।
बैठक में राजधानी शहर विकास योजना के कार्यान्वयन के लिए 2017-18 में श्रीनगर शहर के लिए 600 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई, जो जिले के लिए 102 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना से अलग होगा।
योजना के तहत श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी), श्रीनगर विकास प्राधिकरण (एसडीए), झीलों और जलमार्ग विकास प्राधिकरण (लावडा), छावनी बोर्ड जैसी शहरी विकास संस्थाएं या अन्य बाह्य सहायता प्राप्त संगठनों और परियोजनाओं को जिला योजना के तहत आवंटित धन से अलग किया जाएगा। इसके लिए एक स्वतंत्र समर्पित तंत्र के तहत संसाधनों को आवंटित किया जाएगा।
डिप्टी सीएम समेत कई मंत्री भी हुए बैठक में शामिल
उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह
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कार्यान्वयन की निगरानी के लिए स्वतंत्र संस्था एक निर्वाचित महापौर की अध्यक्षता में होगी। जब तक एक संवैधानिक व्यवस्था से मेयर चुना नहीं जाता, तब तक जम्मू तथा श्रीनगर के कमिश्नर सीसीडीपी के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। यह निर्णय बढ़ती जनसंख्या व मांगों के अनुसार विकास को गति प्रदान करने के लिए लिया गया है।
इस कदम से शहर का विकास जिला प्रशासन से अलग होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। जम्मू शहर के लिए भी इसी तरह की योजना तैयार होगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू, शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी, लोक निर्माण मंत्री नईम अख्तर, शहरी विाकस राज्य मंत्री आसिया नकाश, विधायक अली मोहम्मद सागर, मुबारक गुल, शमीमा फिरदौस, जावेद मुस्तफा मीर, आबिद अंसारी, नूर मोहम्मद बट, इश्फाक जब्बार, अंजुम फाजिली, खर्शीद आलम, मुख्य सचिव बीआर शर्मा, वित्त आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव बीबी व्यास, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।