जम्मू कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 31 दिसंबर 2022 तक होम स्टे की क्षमता बढ़ाकर 25 हजार बिस्तर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ विशेष रूप से प्रमुख पर्यटक आकर्षण, होम स्टे, ट्रेकिंग मार्ग, साहसिक और सीमा पर्यटन, आफबीट स्थानों और पर्यटन स्थलों पर सार्वजनिक सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
निजी उद्यमियों के साथ साझेदारी में टेंट कालोनियों के विकास के लिए प्रमुख पर्यटक आकर्षण की पहचान की जाएगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को राजभवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्यटन विभाग की नई पहल की समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि होम स्टे और टेंट आवास घरेलू, विदेशी पर्यटकों में लोकप्रिय हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर सरकार सुंदर स्थानों पर टेंट स्टे को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है जो पर्यटन उद्योग को विकास प्रदान करेगा। अगले तीन माह में चिह्नित स्थानों पर टेंट कालोनियों को शुरू किया जाएगा।
जम्मू कश्मीर में रोपवे विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग पर्यटन स्थलों की पहचान करेगा। ओवर चार्जिंग की समस्या के समाधान के लिए पर्यटन स्थलों पर प्रीपेड टैक्सी काउंटर स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएं। बताया गया कि पर्यटन विभाग के पास लगभग 800 होम स्टे पंजीकृत हैं।
तीस स्थानों की पहचान की जा चुकी है, यहां अगले तीन माह में टेंट कालोनियों को शुरू किया जाएगा। पर्यटन सचिव सरमद हफीज ने बताया कि चिन्हित 75 आफबीट स्थलों के लिए गतिविधि योजना तैयार की गई है।उपराज्यपाल ने पर्यटन स्थलों पर सार्वजनिक सुविधाओं, उपयोगिताओं, पार्किंग, स्वच्छता, साइनेज, शौचालय सुविधाओं को सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।
स्वदेश दर्शन 2.0 पर बताया गया कि जम्मू सभाग के तीन और कश्मीर के दो स्थलों में वुलर झील व आसपास का क्षेत्र, तोसामैदान-दूधपत्री, सुरईंसर-मानसर, बसोहली-सरथल और भद्रवाह के प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा गया है। स्वदेश दर्शन योजना (पीएमडीपी प्रोजेक्ट) की भौतिक और वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।