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पंचायतों को मजबूती मिलने की आस में लड़ेंगे चुनाव, केंद्र ने दिया है एक्ट में 73वें संशोधन का भरोसा

Mon, 15 Oct 2018 07:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पंचायत चुनाव - फोटो : फाइल
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दस साल के बाद रियासत में फिर से पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। केंद्र की ओर से कहा गया है कि इस बार रियासत की पंचायतें और सशक्त होंगी। इस उम्मीद के सहारे पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने वाले पूरी तैयारी के साथ उतर रहे हैं। एक्ट में 73वें संशोधन का भरोसा उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ने की मुख्य आस बन गया है।
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पिछली बार जब पंचायत चुनाव हुए तो पूरे पांच साल तक पंचायतों को सशक्त नहीं बनाया गया। बेशक सरकार ने पंचायतों को 14 विभागों की जिम्मेदारी दी, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि पहले तो किसी भी सरकार ने बताया ही नहीं कि पंचायतों को क्या-क्या अधिकार हैं? न ही सरपंचों और पंचों को पता चला। जब पंचायतों को कार्यकाल शुरू हुआ तो हमें पता चला कि देशभर में पंचायतों को क्या-क्या अधिकार दिए गए हैं? इसके बाद उन्होंने पंचायती राज एक्ट में 73वें और 74वें संशोधन की मांग की।

अब केंद्र की तरफ से कहा तो गया है कि 73वें एक्ट में संशोधन कर पंचायतों को 29 सरकारी विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी। अब चुनाव के बाद ही पता चलेगा कि इस पर कितना अमल होगा। फिलहाल पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों को इससे आस है। आरएस पुरा और सुचेतगढ़ पंचायत एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और पूर्व सरपंच चौधरी देव राज का कहना है कि पंचायतें सशक्त होंगी। इसकी काफी उम्मीद है। यदि पंचायतों को पावर नहीं मिला तो पंचायत स्तर पर विकास भी सही ढंग से नहीं होगा।
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