सरकारी पैसों का दुरुपयोग कैसे करना है, कोई नगर निगम के विभागों से सीखे। ये विभाग विकास के नाम पर एक ही सड़क को बार-बार तोड़ रहे हैं। इससे एक ओर लोगों को परेशानी हो रही है, तो वहीं सरकारी धनराशि धूल में मिल रही है। ज्यूल चौक के पास कैनाल रोड एक साल में ही चार बार तोड़ी जा चुकी है। स्मार्ट सिटी के तहत तीन करोड़ से पेयजल पाइप बिछाने के लिए जलशक्ति विभाग ने मई से जनवरी तक काम किया।
अर्बन इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का 30 लाख से नाले का काम मार्च तक चला। इसके बाद करीब दो करोड़ से केबल शिफ्टिंग जनवरी तक हुई। अब स्मार्ट सिटी कंपनी साढ़े तीन लाख से टेबल टॉप क्रॉसिंग का काम करवा रही है, जिसे छह महीने में पूरा करना है। ऐसे में बार-बार तारकोल उखाड़ा जा रहा है।
मौजूदा समय में टाइलें लगाई जानी है। इससे फायदा यह होगा कि बुजुर्ग या दिव्यांग आसानी से सड़क पार कर पाएंगे। यहां लोक निर्माण विभाग ने दो माह पहले तारकोल डाली थी। हालांकि, निगम की ओर से विभागों को एक साथ तमाम कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। मगर इस पर अमल नहीं हो पाया। इस कारण अब तक दस लाख रुपये का नुकसान चुका है।
काम करने से पहले बैठक जरूरी
पूर्व संयुक्त आयुक्त आरएस जमवाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत होने वाले काम से पहले तमाम विभागों के साथ बैठक होनी चाहिए। इसमें काम के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। इसके बाद काम शुरू होना चाहिए। मगर अब एक के बाद दूसरा काम हो रहा है। इससे लोग परेशान है। समन्वय के साथ सभी काम होने चाहिए। इससे सरकारी धनराशि की बचत होगी।
सदन में मांग को कर दिया नजरअंदाज
वार्ड-19 के पार्षद अमित गुप्ता ने कहा कि एक ही साथ काम करवाने के लिए हाउस में आवाज उठाई गई। मगर ऐसा नहीं हो पाया। बार-बार खोदाई से सड़कें उखड़ रही हैं। लोग परेशान होते हैं। वार्ड-12 के पार्षद जीत अंगराल ने कहा कि काम से लोगों को सुविधा मिल रही है, पर एक ही बार सभी काम होने चाहिए ताकि नुकसान न हो।
टेबल टॉप क्रॉसिंग बनाई जा रही है। इसके बाद बुजुर्ग और दिव्यांगों को सड़क पार करने में सुविधा मिलेगी। तमाम परियोजनाओं पर काम पूरा कर लिया है।
- राकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ, स्मार्ट सिटी
बार-बार खुदाई से विभाग को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। अलग-अलग विभाग काम कर रहे हैं। जब तारकोल बिछाने के लिए राशि मांगी जा रही है तो मिल नहीं रही। ऐसे में दोबारा तारकोल बिछाने में देरी हो रही है। तमाम काम एक साथ होने चाहिए।
- केबल सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग