ओल्ड यूनिवर्सिटी कैंपस कनाल रोड जम्मू में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट (आईआईएम) जम्मू में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीएमपी) में तीसरे बैच (2018-2020) की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। इसमें देशभर के टॉपर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें बिजनेस स्ट्रेटजी, मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, आपरेशन, इंफारमेशन सिस्टम और एनेलिटिक्स विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। विद्यार्थियों में क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें कोर्स के दौरान विदेशों में एक्सपोजर दिया जाता है।
आईआईएम जम्मू के अकादमिक सत्र को नवंबर 2016 में 54 विद्यार्थियों के साथ शुरू किया गया था। दूसरे बैच में अगस्त 2017 में 67 विद्यार्थियों को लिया गया। आईआईएम जम्मू में मौजूदा समय में 114 विद्यार्थियों की क्षमता है। भारत के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट लखनऊ के मार्गदर्शन में चल रहे आईआईएम जम्मू में लखनऊ आईआईएम से समय-समय पर फैकल्टी बुलाई जाती है। इसमें गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाता है। हाल ही में आईआईएम जम्मू में पांच फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति हुई है।
95-100 फीसदी तक रहती है मेरिट
स्नातक और कैट में मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को आईआईएम में दाखिला पाने का मौका मिलता है। इसमें 95-100 फीसदी तक मेरिट रहती है। ओल्ड यूनिवर्सिटी कैंपस कनाल रोड में करीब दो साल से चल रहे आईआईएम जम्मू में विद्यार्थियों के लिए हास्टल की व्यवस्था मुहैया करवाई गई है। इसमें पहले ग्राउंड और पहले फ्लोर पर छात्र और दूसरे फ्लोर पर छात्राओं को ठहराने की व्यवस्था है। संस्थान में दो बड़े कक्षा हाल और दो छोटे क्लास रूम स्थापित हैं।
दूसरे विद्यार्थियों का दल इटली गया
बताया जाता है कि दूसरे बैच के विद्यार्थियों का दल इटली भेजा गया है, जो जुलाई के आखिर में वापस आएगा। संस्थान में लाइब्रेरी के साथ स्पोर्ट्स कांप्लेक्स आदि सुविधाएं हैं। आईआईएम जम्मू में समय समय पर प्लेसमेंट के लिए कंपनियां पहुंचती हैं।
जगती में स्थायी कैंपस का तेजी से हो रहा निर्माण
जगती, नगरोटा में आईआईएम जम्मू के लिए स्थायी कैंपस का निर्माण किया जा रहा है। जम्मू से 15 किमी दूर इस स्थान पर दो सौ एकड़ में निर्माणाधीन नए स्थायी कैंपस में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसे 2021-22 में शुरू करने की योजना है। आईआईएम आउट कैंपस कश्मीर के लिए भी स्थायी कैंपस पर काम हो रहा है। इसके लिए कश्मीर के लिए नरकारा, बडगाम में जमीन देखी गई है।