जम्मू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव नतीजों पर छाए बादल जल्द छंटते नजर नहीं आ रहे। संभावना इस सत्र के निकल जाने की ज्यादा बन रही है। सुनवाई की प्रक्रिया लंबी खिंच रही है, जिससे कुछ छात्रों में निराशा है तो छात्रों का एक धड़ा खुश है। वह चुनाव टलवाना चाहता था। विश्वविद्यालय प्रशासन भी मामले में अधिक रुचि नहीं दिखा रहा था।
बरसों के इंतजार के बाद पहली बार विश्वविद्यालय में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के मुताबिक छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया हुई, लेकिन गठन से पहले ही सिफारिशों के उल्लंघन को लेकर छात्रों के हाईकोर्ट में चले जाने से मामला अटक गया। कोर्ट की ओर से नतीजे घोषित किए जाने पर रोक लगा दी गई।
इसी को लेकर सुनवाई करीब तीन माह से चल रही है। कभी केस आखिरी नंबर पर होता है, जिससे सुनवाई संभव नहीं होती तो कभी सुनवाई अवकाश की भेंट चढ़ गई। इस चार दिसंबर को भी केस 42वें नंबर पर था, लेकिन सुनवाई केवल 39वें नंबर तक के केसों पर हुई। अब नए सिरे से रोस्टर में तारीख लगेगी। छात्रों को मामले में तेजी से सुनवाई का इंतजार है।