फीस व वेतन का ब्योरा मिलने के बाद फी फिक्सेशन कमेटी ने निजी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कई स्कूलों को कमेटी ने वसूली गई ज्यादा फीस लौटाने को कहा है। इसके अलावा आने वाले शिक्षा सत्र में नियम अनुसार एडमिशन करने के निर्देश दिए हैं। निजी स्कूलों ने कमेटी के इस आदेश का कड़ा विरोध किया है।
निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए सितंबर 2015 से फी फिक्सेशन कमेटी राज्य में काम कर रही है। कमेटी ने सभी निजी स्कूलों से विद्यार्थियों से वसूली जा रही फीस का ब्योरा मांगा था। पहले तो स्कूलों ने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में सभी ब्योरा देने को तैयार हो गए।
करीब छह महीने तक स्कूलों द्वारा ब्योरा देने की प्रक्रिया चली। वहीं अब ब्योरा मिलने के बाद कमेटी ने स्कूलों को निर्देश देना शुरू कर दिया है। शुरू में कमेटी ने पाया कि स्कूलों की आमदनी कम है। इसलिए इन स्कूलों को ट्यूशन फीस बढ़ाने की अनुमति दे दी, लेकिन अब कई स्कूल ऐसे सामने आए हैं, जो कि जरूरत से बहुत ज्यादा फीस विद्यार्थियों से वसूल रहे हैं।
इनको कमेटी ने सख्ती से निर्देश दिए हैं कि तुरंत ज्यादा फीस वसूलना बंद करें। इसके अलावा एक वर्ष तक वसूली ज्यादा फीस तुरंत अभिभावकों को लौटाई जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो कार्रवाई भुगतने को भी तैयार रहें।