घाटी में हालात खराब होने के कारण इस बार जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन के लिए दसवीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करवाना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। दो महीने से स्कूलों में शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित है।
अगर हालात सुधरते हैं तो पाठ्यक्रम पूरा करना काफी मुश्किल होगा। आतंकी की मौत के बाद घाटी में दो महीने से हालात पूरी तरह से खराब है और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर है। किसी तरह से स्टाफ तो पहुंच रहा है, लेकिन पढ़ाने के लिए विद्यार्थी ही नहीं मिल रहे हैं।
शिक्षा विभाग पहले से ही चिंतित है तो अब बोर्ड के लिए बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करवाना बड़ी चुनौती बन चुका है। कश्मीर में नवंबर में वार्षिक परीक्षाएं आरंभ होती है। 2015 में नौ नवंबर को बोर्ड ने दसवीं की बोर्ड की परीक्षा के साथ बोर्ड परीक्षाएं शुरू कर दी थीं।
12वीं की बोर्ड परीक्षा दिसंबर तक चली थी। इस बार भी बोर्ड नवंबर में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन अब घाटी में दो महीने से खराब हालात ने बोर्ड को चिंता में डाल दिया है। अगर वर्तमान समय में हालात ठीक हो जाते हैं तो शिक्षा विभाग के लिए पाठ्यक्रम को पूरा करना काफी मुश्किल होगा। वहीं अगर हालात ऐसे ही रहते हैं तो बोर्ड की चिंता बढ़ जाएगी।