पंजाब से फूल गोभी आने के चलते गिरे दाम, मंडी में एक रुपए प्रति किलो पहुंचा भाव, अब जानवरों को खिला रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। मंडी में फूलगोभी एक रुपये किलो के हिसाब से बिक रही है। कड़ी मेहनत से उगाए गोभी के ये फूल किसानों को शूल की तरह चुभ रहे हैं। फसल बेचने के बाद इसे मंडी तक लाने का किराया तक वसूल नहीं हो पा रहा है। किसानों ने बताया कि गोभी का एक एक नग (पैकेट) 40 से 50 रुपये में बिक्री रहा है जबकि खर्च 43 रुपये आ रहा है। स्थिति यह है कि किसान गोभी को मंडी लेकर जाने के बजाय पशुओं को खिला रहे हैं।
किसान भवानी शर्मा ने बताया कि एक पैकेट में 30 से 35 किलो फूलगोभी होती है। किसानों को खेत से जम्मू स्थित नरवाल मंडी तक एक नग गोभी पहुंचाने में 25 रुपये भाड़ा लग रहा है। मंडी में इस एक नग को उतारने की पांच रुपये मजदूरी है। इस पर चार रुपये आढ़त है। इसके अलावा पांच रुपये का लिफाफा है। इसे सील करने के लिए चार रुपये की टेप भी लगती है। कुछ 43 रुपये खर्च बैठता है।
किसानों के अनुसार, वर्तमान में गोभी से बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक कनाल में गोभी की खेती पर दस हजार रुपये खर्च आता है। फूल गोभी के अच्छे दाम मिलने पर किसान अपना कर्ज चुकता कर देता है, लेकिन अभी की स्थिति ने किसानों को कर्ज में डुबो दिया है। भवानी शर्मा बताते हैं कि उन्होंने आठ कनाल में फूल गोभी लगाई है। एक महीना पहले मंडी में फूल गोभी का मूल्य 30 से 40 रुपये प्रति किलो था। 15 दिन से दाम चासीस गुना गिर चुके हैं। किसान अजीत सैनी का कहना है कि इस बार लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है। मंडी में गोभी भेजने में नुकसान हो रहा है। इसके चलते किसान उसे खेतों में ही नष्ट करने के लिए मजबूर हैं।
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किसानों को बड़े पैमाने पर हो रहा नुकसान
फूल गोभी उगाने वाले किसानों को इस समय बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है। मंडी में व्यापारी भी मंदी की मार से नहीं बच पाए हैं। किसानों को फूल गोभी से अच्छे दाम मिलने पर व्यापारियों को भी फायदा मिलता है। वर्तमान में व्यापारी भी नुकसान झेल रहे हैं।
- राज सैनी, व्यापारी, अरनिया सब्जी मंडी
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पंजाब से फूल गोभी आने से गिरे स्थानीय पैदावार के दाम
पंजाब से रोजाना 20 से 25 ट्रक फूल गोभी जम्मू मंडी में पहुंच रहे हैं। इसके चलते स्थानीय फूल गोभी के दाम गिर गए हैं। इस समय जम्मू में भी फूल गोभी का सीजन है। पंजाब से फूल गोभी की आमद बंद होने के बाद ही स्थानीय किसानों को दाम मिलेंगे। इसके लिए किसानों को इंतजार करना पड़ेगा।
विकास शर्मा, आढ़ती, नरवाल सब्जी मंडी