पीओके से व्यापार बंद करने पर मंथन शुरू हो गया है। कश्मीर में हिंसा और आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान से आ रहे पैसे के प्रवाह को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीर है। एनआईए की जांच में पाकिस्तान से हवाला के जरिये अलगाववादियों को मिल रहे धन में पीओके व्यापार से जुड़े कुछ व्यापारियों के नामों का खुलासा हुआ है।
लिहाजा केंद्र ने पीओके से व्यापार के विस्तार के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। महबूबा ने पीओके से व्यापार के चार नए रास्ते खोलने और पीओके जाने के लिए जारी परमिट व्यवस्था को खत्म करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की थी।
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से फोन पर बातचीत कर पीओके से होने वाले व्यापार के बारे में विस्तृत जानकारी ली है। अलगाववादियों से एनआईए की पूछताछ और बाद में डाले गए छापे में जम्मू और पांपोर के दो बड़े ड्राई फ्रूट व्यापारियों के नाम सामने आए। अब तक की जांच के मुताबिक अलगाववादियों को अराजकता फैलाने के लिए पाकिस्तान से आने वाले धन में कुछ और व्यापारियों के नामों की खुलासा हो सकता है।
वस्तु विनिमय के आधार पर होता है पीओके से व्यापार
क्रॉस एलओसी ट्रेड
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दरअसल पीओके से व्यापार वस्तु विनिमय के आधार पर होता है। दोनों ओर से सामान के बदले सामान दिया और लिया जाता है। इस क्रम में कई बार हेरफेर के मामले सामने आए हैं। इसके लिए दो व्यापार सुविधा केंद्र बने हैं। कुछ दिन पहले पीओके से एक ट्रक में छिपाकर भेजे गए हथियार पकड़े गए थे।
यह व्यापार के श्रीनगर-मुजफ्फराबाद रूट से लाया गया था। आतंकियों के लिए भेजी इस खेप में एके 47 और चीनी पिस्तौल जैसे घातक हथियार भी थे। उससे पहले 10 करोड़ की कोकीन भी पकड़ी जा चुकी है।
पाकिस्तान कई बार इस व्यापार के रास्ते का इस्तेमाल कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए हवाला कारोबार का धन और हथियार भेजने में करता रहा है। चूंकि व्यापार वस्तु के बदले वस्तु से होता है, इसलिए हवाला कारोबार आसान हो जाता है।
नए रास्ते खोलना और वस्तुओं की संख्या बढ़ाना संभव नहीं
महबूबा मुफ्ती
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केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पीओके से व्यापार के नए रास्ते खोलना और व्यापार के लिए वस्तुओं की संख्या बढ़ाना फिलहाल संभव नहीं है। महबूबा ने जम्मू-सियालकोट, छंब-ज्यौड़ियां-मीरपुर, गुरेज-असतूर-गिलगित और झंजर-मीरपुर के नए रास्ते से व्यापार का प्रस्ताव रखा था।
वर्तमान में उड़ी-मुजफ्फराबाद और पुंछ-रावलाकोट रूट से व्यापार होता है। कुल 303 व्यापारी पंजीकृत हैं। लगभग 3000 करोड़ का व्यापार हर साल होता है। कुल 21 वस्तुएं व्यापार के लिए मंजूर की गईं हैं। रियासत ने और 21 वस्तुओं की सूची केंद्र को भेजी है।
अमेरिकी डालर से व्यापार की मांग हो चुकी है खारिज
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीओके से व्यापार को अमेरिकी डालर के माध्यम से करने का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन केंद्र ने इसे मंजूर नहीं किया। दरअसल अमेरिकी डालर से व्यापार दो देशों के बीच होता है। पीओके कश्मीर का ही हिस्सा है और पाकिस्तान से उसे वापस लेने का प्रस्ताव संसद में पारित हो चुका है। लिहाजा व्यापार में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा का इस्तेमाल संभव नहीं है।