संभाग में स्कूलों और कालेजों के लिए चलने वाली मिनी बसों और बसों की परिवहन विभाग के पास कोई सही जानकारी नहीं।
विभाग के पास इसकी जानकारी तो है कि अवैध रूप से स्कूलों में रूट परमिट वाली बसों और मिनी बसों का परिचालन होता है, लेकिन इनकी संख्या विभाग के पास नहीं है। विभाग ने भी इसे मानते हुए कहा है कि नए साल में इसका सर्वे कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार शहर और आसपास के कई बड़े स्कूलों ने अपने स्कूलों के लिए एजुकेशन परमिट लेकर वाहन लगाए हुए हैं, लेकिन कई ऐसे हैं, जिनके पास पांच वाहन हैं तो दो इसमें व्यवसायिक परमिट के हैं और दो एजुकेशन परमिट।
सिर्फ जम्मू जिले में ही एक अनुमान के मुताबिक सौ वाहन व्यवसायिक परमिट के हैं, जो स्कूलों के लिए लगाए हैं। यह वाहन अवैध रूप से स्कूलों के लिए लगे हैं, जो स्कूल टाइम पर बच्चों को घर पहुंचाते हैं और बाद में सड़कों पर दौड़ते हैं। विभाग के पास जानकारी होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
आरटीओ अश्विनी खजुरिया का कहना है कि काफी हद तक स्कूलों के पास एजुकेशन परमिट के वाहन हैं, लेकिन सच्चाई यह भी है कि कई स्कूलों के पास व्यवसायिक परमिट के वाहन हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग अभियान चलाएगा।