फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: आशियाने पर महंगाई की मार, बिखर रहे आम आदमी के सपने

विज्ञापन
विज्ञापन
सांबा। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने गृह निर्माण और अन्य निर्माण गतिविधियों पर ग्रहण लगा दिया है। ईंट, रेत और बजरी के भाव बढ़ चुके हैं। ऐसे में घर बनाने का सपना अब लोगों का अधूरा रह सकता है।
विज्ञापन


सांबा निवासी विनोद कुमार, अनिल सिंह, रवि कुमार, रमेश शर्मा व राहुल कुमार ने कहा कि सांबा जिले में ईंट, रेत और बजरी जैसी निर्माण सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री के मूल्य निगरानी के लिए न प्रशासन और न ही खनन विभाग की तरफ से कोई कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके कारण लोग महंगे दामों पर निर्माण सामग्री खरीदने को मजबूर हैं। लोगों ने कहा कि ईंट भट्ठा मालिकों की ओर से प्रति एक हजार ईंट के लगभग 8000 से 8500 रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं रेत-बजरी सप्लायर रेत के 1800 से 2500 रुपये और बजरी के 2500 से 3000 रुपये प्रति 100 फीट वसूल कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत जिन लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है, वे निर्माण सामग्री खरीदने में ही खर्च हो जाती है, ऐसे में पक्के मकान बनाने में उन्हें कर्ज लेकर कार्य पूरा करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मूल्य निर्धारण और निगरानी करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

....................

निर्माण सामग्री के मूल्य इससे जुड़े व्यापारिक संगठन स्वयं ही मूल्य तय करते हैं। इसमें लोडिंग अनलोडिंग और परिवहन शुल्क शामिल कर मूल्य तय कर मार्केट बेचा जाता है। खनन विभाग रॉयल्टी शुल्क वसूली के लिए समय-समय पर जांच करता है। सांबा में खनन ब्लॉक बंद थे, जिसके चलते लोग दूसरी जगहों से सामग्री खरीदकर लाते हैं। इसके लिए ढुलाई भाड़ा ज़्यादा देना पड़ता है। खनन विभाग ने सांबा जिले के 12 खनन ब्लॉक को चालू कर दिया है ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में सस्ती निर्माण सामग्री मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

-शिव कुमार, जिला खनन अधिकारी, सांबा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें