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Jammu News: स्वरोजगार की राह में बैंकों की सुस्ती बनी रोड़ा

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- रोजगार सृजन योजना में 926 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 303 करोड़ रुपये बांटक सके बैंक
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- विश्वकर्मा योजना में 12,684 आवेदन लंबित, बुनकर मुद्रा योजना में भी कर्ज वितरण लक्ष्य से पीछे





अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। प्रदेश में सरकारी योजनाओं के तहत अपना कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज लेने वाले युवाओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बीते वित्त वर्ष में में बैंक स्वरोजगार योजनाओं के तहत तय लक्ष्य के मुताबिक कर्ज नहीं बांट सके। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में जहां 12,684 आवेदन लंबित रहे, वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में कर्ज बांटने का लक्ष्य करीब एक-तिहाई ही पूरा हो सका। कारीगरों और बुनकरों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में भी कर्ज वितरण काफी कम रहा।





यूटी लेवल बैंकर्स कमेटी (यूटीएलबीसी) के अनुसार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक बैंकों को 39,241 आवेदन भेजे गए थे। इनमें से 14,645 लोगों को 135.50 करोड़ रुपये का कर्ज मिला। वहीं 12,684 आवेदन लंबित रहे और 11,912 खारिज कर दिए गए। कमेटी के अनुसार कर्ज चुकाने की शर्तें भी कुछ आवेदकों के लिए परेशानी का कारण बनीं। छह हजार रुपये की मासिक किस्त और 18 महीने में कर्ज लौटाने की अवधि के कारण कुछ लोगों को दिक्कत आई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 6,225 लोगों को कर्ज देने के लिए 926.42 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 4,849 लोगों को 303.23 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। यह तय राशि का करीब 33 प्रतिशत है। इस योजना के तहत बैंकों को 11,317 आवेदन भेजे गए थे। आवेदन करने के लिए पोर्टल लंबे समय तक काम नहीं कर पाया, जिससे कर्ज बांटने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
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कारीगरों और बुनकरों को भी कम मिला कर्ज

कारीगरों और बुनकरों को अपना काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए कर्ज देने की योजना के तहत 11,500 लोगों की मदद करने और 207 करोड़ रुपये बांटने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन 31 मार्च 2026 तक 1,853 लोगों को केवल 27.75 करोड़ रुपये का कर्ज मिला। यह तय लक्ष्य का करीब 13 प्रतिशत था।बुनकर मुद्रा योजना में भी कर्ज वितरण लक्ष्य से पीछे रहा। इसके तहत 1,064 लोगों को 10.64 करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 142 लोगों को 2.11 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया।
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मुख्य सचिव ने बैंकों से स्वरोजगार योजनाओं के तहत कर्ज देने की प्रक्रिया आसान बनाने के निर्देश दिए हैं। यूटीएलबीसी ने भी बैंकों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करने तथा लंबित आवेदनों पर जल्द फैसला लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र लोगों को कर्ज मिलने में देरी न हो।

- खुर्शीद मुजफ्फर, जनरल मैनेजर, यूटीएलबीसी
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