फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: अपराधियों के हाथों में अवैध हथियार, सप्लाई रोकना पुलिस के सामने चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
- 2025 में 49 अवैध हथियार बरामद, इस साल अब तक 25 से अधिक मिले
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू में अवैध हथियारों का नेटवर्क लगातार सक्रिय हैं। पिछले साल पुलिस ने 49 अवैध हथियार बरामद किए थे। इस साल अब तक 25 से अधिक हथियार मिल चुके हैं। इनमें यूएस मेड और ग्लॉक जैसी विदेशी पिस्टल के अलावा राइफल भी शामिल हैं। विदेशी हथियारों की बरामदगी ने इस समस्या की गंभीरता को बढ़ाया है। नरवाल, अरनिया, बिश्नाह, आरएस पुरा, कानाचक सहित अन्य क्षेत्रों में नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों से लेकर गैंग नेटवर्क से संबंध रखने वाले लोगों से हथियार मिले हैं।
पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ असलहा बरामदगी की नहीं, बल्कि सप्लाई चेन तक पहुंचने और उसे तोड़ने की भी है। हथियार कहां से आ रहे हैं और अपराधियों तक कैसे पहुंच रहे हैं। नशा तस्करों के साथ पिस्टल मिलने से पुलिस अब नशा तस्करी और हथियारों की उपलब्धता के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
विज्ञापन

गैंगस्टरों के संपर्क में रहे लोगों से हथियार मिलने के मामलों में पुलिस को यह पता लगाना होगा कि हथियार सीमापार से पहुंच रहे हैं या फिर पंजाब से। कुख्यात नशा तस्कर लाहू गुज्जर की गिरफ्तारी और मामले की जांच में पता चला कि सीमा पार से ड्रोन से हथियार पहुंचाए जा रहे हैं। पंजाब के आपराधिक नेटवर्क से संपर्क जैसे पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
हालांकि सभी मामलों में हथियारों का स्रोत एक ही होने या उनके बीच साझा नेटवर्क होने की पुष्टि पुलिस नहीं कर पाई है। पुलिस के सामने असलहा की खरीद-फरोख्त और सप्लाई की जांच और नेटवर्क तक पहुंचना चुनाैती है। इस संबंध में डीआईजी जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज श्रीधर पाटिल ने कहा कि हथियार सप्लाई की चेन की जांच चल रही है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
-
ग्रामीण जम्मू में अवैध
हथियारों का बढ़ता खतरा
ग्रामीण जम्मू में अवैध हथियारों की बरामदगी ने नशा तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अरनिया, बिश्नाह, आरएस पुरा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से पिस्तौल, देसी कट्टे और अन्य हथियार बरामद हुए हैं। कई मामलों में नशीले पदार्थों के साथ हथियार मिलने से तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के बीच संभावित संबंध भी जांच के दायरे में हैं।
विज्ञापन

-
बरामदगी बता रही अवैध
हथियारों का बढ़ता नेटवर्क
वर्ष 2026 में अब तक जम्मू जिले में पुलिस ने विभिन्न कार्रवाइयों में कई अवैध हथियार बरामद किए हैं। जनवरी में गांधीनगर से एक पिस्तौल, मैगजीन और तीन कारतूस मिले। फरवरी में गांधीनगर और मीरां साहिब से तीन पिस्तौल बरामद हुईं। अप्रैल में बिश्नाह से बेरेटा और मई में नरवाल से ग्लॉक पिस्तौल मिली। जून में अमृतसर से स्टार पिस्तौल और एके-47 राइफल, जबकि गांधीनगर से दो पिस्तौल, दो देसी कट्टे और रिवॉल्वर बरामद हुई। अगस्त से अक्तूबर तक अरनिया, नरवाल, नवाबाद और बिश्नाह में भी हथियार मिले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें