पनीर
के पकोड़े व देसी घी के साथ परोसे जाने वाले राजमा-चावल के लिए मशहूर
नंदनी टनल के बाजार में ज्यादातर ढाबों और दुकानों में ताले लग चुके हैं।
नंदनी के दोनों तरफ से नवनिर्मित आठों टनल के खुलने से नंदनी मार्केट के
बीच से राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही कम हो गई है। ग्राहक नहीं मिलने से
दुकानदारों को मजबूरन दुकानों व ढाबों में ताले लगाने पड़े हैं।
करीब आठ
किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नंदनी के जंगल से होकर गुजरता है। इसी जंगल
में नंदनी का छोटा सा बाजार है। यहां का पनीर, पनीर के पकोड़े और
राजमा-चावल अपनी खास पहचान रखता है। जम्मू संभाग के विभिन्न हिस्सों में
शादियों के लिए पनीर भी यहां से सप्लाई किया जाता है। राज्य में पहुंचने
वाले पर्यटक जब कटड़ा या फिर श्रीनगर की तरफ से जाते थे, इस बाजार में इन
व्यंजनों का आनंद उठाते थे।
नंदनी टनल खुलने से अब इक्का दुक्का वाहन ही
राजमार्ग पर इस बाजार से गुजरते हैं। इससे यहां का बाजार ठंडा पड़ गया है।
तीन जनवरी को उधमपुर से जम्मू के लिए चार टनल खोले गए थे तो 28 जनवरी को
जम्मू से उधमपुर के के लिए सभी टनल खोले गए थे। इन चंद दिनों में ही नंदनी
के अधिकतर ढाबों में ताले लग गए हैं।
यहां दो से तीन चाय की दुकानें ही
खुली नजर आती हैं, वह भी ग्राहकों के इंतजार में हैं। अगले कुछ महीनों में
अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाएगी। ऐसे में इन श्रद्धालुओं को शायद ही पनीर के
पकोड़े और राजमा-चावल का लुत्फ मिल सके, क्योंकि अधिकतर वाहनों की आवाजाही
भी टनल से रहेगी।