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अखनूर में कोविड-19 का पालन न करने पर 62 हिरासत में

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अखनूर। कस्बा में करीब 40 दिन बाद शराब की दुकानें खुलने पर पुलिस को भीड़ काबू करने में कड़ी मशक्कत का समाना करना पड़ा। पुलिस ने कोविड-19 का पालन नहीं करने पर 62 लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई की। भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। कई लोगों को मामूली चोटें आई।
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जानकारी के अनुसान आबकारी विभाग के नए आदेश और नई दुकानों के आवंटित पर बुधवार को बस अड्डा के मेन रोड पर सुबह दो दुकानें खुलने पर काफी लंबी लाइन लग गई। पुलिस द्वारा नियंत्रित करने पर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अधिक भीड़ पर कोविड-19 के हिदायतें का पालन नहीं करने पर थाना प्रभारी हिलाल अजहर और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह की देखरेख में मौके पर कार्रवाई करते हुए 62 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसमें उनसे 30150 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस दौरान पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने पर लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिसमें कई लोग घायल हो गए। लोगों का कहना है कि एक माह बाद शराब की दुकानें खुलने पर लोगों की जरूरत को देखते हुए पुलिस को कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। कोविड नियमों का पालन पुलिस द्वारा लोगों से करानी चाहिए थी। थाना प्रभारी हिलाल अजहर ने बताया कि शराब लेने की भीड़ द्वारा कोविड नियमों पालन नहीं करने पर 62 लोगाें के खिलाफ कार्रवाई की गई।
शराब की दुकानों पर खरीदारों की दिनभर लगी रही भीड़
आरएस पुरा/ मीरां साहिब। उपजिले के कस्बों में बुधवार को शराब की दुकानें खुलने पर खरीदारों की दिनभर लंबी लाइन लगी रही। आरएस पुरा में खुली शराब की दुकान में खडे़ लोगों पर नियंत्रण के लिए पुलिस कर्मियों ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए लोगों को कहा जाता रहा। इसी प्रकार कुल्लियां व मीरां साहिब में खुली शराब की दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ रही। मीरां साहिब में लोगों की काफी भीड़ होने पर एसडीपीओ शब्बीर अहमद खान ने मौके पर पहुंच कर लोगों की भीड़ को देखते हुए हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रण किया। लगभग दो माह बाद शराब की दुकानें खुलने पर पांच बजे तक का समय होने पर लोगों की काफी भीड़ लगी रही।
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ठेके खुलने से शराबियों की बल्ले-बल्ले
परगवाल। कोरोना महामारी के बीच लगभग एक माह बाद शराबियों के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। राज्य के बाकी हिस्सों की तरह परगवाल में भी शराब का ठेका खुलने से शराबियों ने राहत की सांस ली। हालांकि इससे पहले सुबह-सुबह ठेके पर पहुंचे शराबियों को उस समय झटका लगा जब उन्हें पता चला कि ठेके पर तो अभी शराब ही नहीं पहुंची है, लेकिन पता चलने पर कि शराब वाली गाड़ी पहुंचने वाली है। तो उन्होंने वहां बैठना बेहतर समझा। देखते ही देखते काफी भीड़ जमा हो गई। गाड़ी का इंतजार करने लगे। इतने में पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां काम शुरू हो पाया। कुछ शराबियों का कहना था कि किराना और सब्जी की दुकानें चाहे सप्ताह में एक बार खुले, लेकिन ठेका हर रोज खुलना चाहिए। क्योंकि एक माह का समय उन्होंने कैसे गुजारा है वही जानते हैं। संवाद
शराब की दुकान खुलते ही लगी लंबी लाइनें
ज्यौड़ियां। ज्यौड़ियां में शराब की खरीदारी करने वालों ने प्रशासन की तरफ से जारी किए गए नियमों की अवहेलना की। शराब की दुकान खुलने से पहले ही बाईपास बाजार के दोनों तरफ लंबी-लंबी लाइन लग गई। किसी भी प्रशासन के रखवाले ने उनको दूरी बनाने के लिए प्रेरित नहीं किया। शराब के खरीदारों ने भी दूरी बनाए रखने की तरफ ध्यान नहीं दिया।
प्रशासनिक नियमों की किस तरह से धज्जियां उड़ाई गई, साफ दिख रहा था। शराब की दुकान खुलने की भनक लगते ही देखते ही देखते ज्यौड़ियां बाईपास बाजार में इतनी भीड़ जमा हो गई कि जैसे मेला लगा हो। इस विषय में पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब ज्यौड़ियां के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने बताया कि मैं बाजार में समान खरीदने गया तो देखा कि बीच बाजार लंबी-लंब कतार लगी हुई है। जब जानकारी ली तो पता चला कि शराब की दुकान खुलने वाली है। उन्होंने बताया कि इस तरह कैसे कम होगी कोरोना महामारी। अगर इन कतार में एक भी संक्रमित होगा तो वह सभी को पीड़ित कर देगा। अभी क्या जरूरत थी, शराब की दुकान को खोलने की। सरकार पैसा कमाना छोड़े और लोगों की जान की परवाह करे।
बाबा भारती ने कहा कि हमने कई बार प्रशासन से कहा है कि शराब की दुकान को मुख्य बाजार से बाहर स्थानांतरित किया जाए, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कमेटी की तरफ से इसकी शिकायत प्रशासन से करने के बाद थाना प्रभारी अखनूर ने मौके पर पहुंच कर लोगों को खदेड़ा और दूरी बनाने के लिए कहा। इसके चलते ज्यौड़ियां के लोगों ने थाना प्रभारी अखनूर की कार्यप्रणाली की सराहना की।
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