सीमावर्ती इलाकों में हर समय पाकिस्तान की गोलाबारी के साए में रहने वाले लोगों को जल्द ही राज्य सरकार द्वारा पांच-पांच मरले के आवासीय प्लाट उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही गोलाबारी से प्रभावित जम्मू संभाग के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिहायशी बंकर भी बनाए जाएंगे।
यह जानकारी मंगलवार को राज्य के गृह मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने विधानसभा में दी। विधानसभा में मंगलवार को पैंथर्स पार्टी और भाजपा के विधायकों द्वारा बार्डरों पर स्थित गांवों में गोलाबारी से पैदा हुए हालात पर सदन से किए वाक आउट और हंगामे के बाद स्पीकर इस मामले पर बहस करने को राजी हुए।
सदन में हुई बहस का जवाब देते हुए राज्य के गृह मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने बताया कि कठुआ से लेकर अखनूर सीमावर्ती गांव पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली फायरिंग से प्रभावित हुए हैं। 23 अगस्त से जारी इस गोलाबारी में अब तक पांच हजार लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं जबकि दो लोगों की मौत भी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरहद पार से गोलाबारी को रोकना हमारे बस में नहीं है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों की मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मैने आरएस पुरा क्षेत्र का दौरा किया। स्थानीय लोगों ने 24 घंटे बिजली प्रदान करने की मांग की और उसके लिए संबधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किचलू ने बताया कि इसके अलावा सीमावर्ती गांवों में आपात परिस्थितियों के लिए हर गांव में बंकर बनाए जाएंगे।
फिलहाल हमने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक गांव में एक-एक बंकर को अगले एक सप्ताह के भीतर तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा अग्रिम सीमावर्ती गांवों के लोगों को पांच-पांच मरले का आवासीय प्लाट सुरक्षित स्थानों पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी।