विधानसभा की कार्रवाई के दौरान मौजूद सीएम और डिप्टी सीएम
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रियासती सरकार का बजट 11 जनवरी को पेश होगा। बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों, उद्यमियों व व्यापारियों का खास ख्याल रखे जाने की उम्मीद है। बजट सत्र दो जनवरी से शुरू होगा। रियासत सरकार मार्च-अप्रैल में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी में है।
सरकार की ओर से इस बाबत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से तैयारियों के बारे में जानकारी मांगी गई है। पंचायतों का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो गया है। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार ने बजट सत्र की तैयारियां कर लीं हैं। कैबिनेट ने बजट सत्र के कैलेंडर को मंजूरी दे दी है।
अब इसकी विधिवत अधिसूचना अगले कुछ दिनों में जारी कर दी जाएगी। विधायकों से सवाल तथा बिल लेने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। विधायकों से 10 तारांकित तथा 10 अतारांकित सवाल मांगे जाएंगे। पांच बिल तथा चार प्रस्ताव भी देने को कहा जाएगा।
सुरक्षा तथा अन्य बिंदुओं पर भी होगा विचार
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
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विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बताया कि विधानसभा सचिवालय बजट सत्र की तैयारियों में जुटा हुआ है। विधायकों से प्रश्न मिलने के बाद उन्हें संबंधित विभागों को जवाब के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही बिल तथा प्रस्तावों का परीक्षण कर उन्हें पेश करने तथा खारिज करने की प्रक्रिया होगी। सत्र से पहले सुरक्षा तथा अन्य बिंदुओं पर भी विचार होगा।
वहीं, सीईओ शांतमनु ने बताया कि सरकार ने उनसे पंचायत तैयारियों के बाबत जानकारी मांगी है। यह बता दिया गया है कि मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इससे पहले चुनाव कराने में दिक्कतें आएंगी। चुनाव में डेढ़ महीने का समय लग जाता है। इस वजह से मतदाता सूची से लेकर अन्य तैयारियों को मुकम्मल करने में विभाग जुट गया है।
पंचायत राज एक्ट में संशोधन करना चाहती है राज्य सरकार
सीएम महबूबा मुफ्ती
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कश्मीर हिंसा की वजह से श्रीनगर में विधानसभा का सत्र नहीं हो सका था। राज्य सरकार पंचायत राज एक्ट में संशोधन करना चाहती थी। पर संशोधन प्रस्ताव में चुनाव के लिए चुनाव प्राधिकारी की जगह सरकार करने के संशोधन पर आपत्ति जताई गई।
आपत्ति के बाद चुनाव कराने का अधिकार चुनाव प्राधिकारी के पास ही रहने दिया गया। सूत्रों का कहना है कि यदि संशोधन पारित हो जाता तो पंचायती राज विभाग के पास चुनाव कराने का अधिकार चला जाता। इससे स्वच्छ लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते थे।