ज्यौड़ियां। वित्त मंत्री सीतारमण ने सोमवार को संसद में आम बजट पेश किया। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों ने अपनी राय दी है। कुल लोग इस बजट को काफी सराहनीय मानते हैं और कुछ इसे निराशाजनक भी मान रहे हैं। आयकर से मुक्ति ऐसे लोगों को दी गई है जो 75 वर्ष की आयु पूरी चुके हैं। आम बजट लोगों की मूलभूत जरूरतों से जुड़ा होता है। ऐसे में रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम में कमी की जानी चाहिए। आयकर छूट का लाभ कुछ ही लोगों को मिल पाएगा।
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वित्त मंत्री ने का बजट में आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया है। मोदी सरकार के इस बजट में करदाताओं को कोई भी किसी भी तरह से राहत नहीं मिली है, मगर सरकार ने 75 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को रियायत दी है। सरकार ने ऐलान किया कि अब 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को इनकम टैक्स भरने की जरूरत नहीं होगी, जो गलत है। इसका गिने चुने लोगों को मिलेगा। मेरा तो यह कहना है कि इसमें आयु सीमा 60 साल रखनी चाहिए थी।
-अमृत भूषण बाबा भारती, प्रधान, छंब ज्यौड़ियां ज्वाइंट एक्शन कमेटी
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सरकार ने 2021 के इस बजट टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए 27.1 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से संरचनात्मक सुधारों को बढ़ावा मिलेगा और बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का जो प्रस्ताव रखा है यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए बहुत ही अच्छा होगा, जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। गरीब तबके के लाभ के लिए सरकार ने अपने संसाधनों को बढ़ाया है।
-कुलवंत सिंह मनहास, चेयरमैन, खौड़ व्यापार मंडल
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वित्त मंत्री ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि कोरोना संक्रमण से देश को बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को कई आर्थिक पैकेज दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमें लग रहा है कि इस बार का बजट डिजिटल बजट है, और यह ऐसे वक्त में आ रहा है जब देश की जीडीपी लगातार दो बार माइनस में गई है, लेकिन ग्लोबल इकोनॉमी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। 2021 ऐतिहासिक साल होने जा रहा है और जिस पर देश की नजर है।
-सुरेन्द्र शर्मा, पंच