पर्यटन व संस्कृति के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विरासत स्थलों के संरक्षण और विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। हाईएंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन से संबंधित परिसंपत्तियों के नवीनीकरण के अलावा विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
सभी सरकारी विभागों में ई आफिस की शुरुआत होगी
विकास कार्यों में सार्वजनिक भागीदारी के लिए बीम्स पोर्टल पर सशक्त की शुरुआत करना और कार्य के विवरण को ऑनलाइन देखने के लिए संघ राज्य क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में इसे कार्यान्वित किया जा रहा है। ई कुबेर भुगतान को शुरू किया गया है। केंद्रीकृत कांट्रैक्ट कार्यान्वयन और भुगतान निगरानी प्रणाली की स्थापना की जाएगी। बोली संबंधी दस्तावेजों के मूल्यांकन परामर्शदाता रखे जाएंगे। वर्चुअल जांच प्रणाली को सृदृढ बनाते हुए ई-ऑडिट की शुरुआत की जाएगी। सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस की शुरुआत होगी। ऑनलाइन रियल टाइम व्यय निगरानी प्रणाली शुरू की जाएगी।
वर्ष 2021-22 में उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, पार्कों, धार्मिक स्थानों, पंचायतों, अस्पतालों में 30000 हजार सोलर लाइट लगाई जाएंगी। 13.2 मेगावाट क्षमता के साथ रूफटाप पावर सिस्टम लगाए जाएंगे। वर्ष 2021-22 के दौरान सिंचाई और पेयजल के लिए 10 हजार सोलर वाटर पंप लगाए जाएंगे। औद्योगिक बायो टेक्नोलाजी पार्कों को वर्ष 2021-22 में पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है।
जीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए 400 करोड़ का प्रावधान
बजट में जीएसटी की समय पर प्रतिपूर्ति के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड के पंजीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन के संवर्धन के लिए 30 करोड़ और गोल्फ के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया है। मानसर, सुरईंसर, वुलर, बंगस सहित नए पर्यटन सर्किटों के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नए रोपवे के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
वित्त विभाग में इंस्पेक्शन सिस्टम स्थापित होगा
वित्तीय विभाग में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन सिस्टम स्थापित किया जाएगा ताकि संघ राज्य क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजना का 100 फीसदी वास्तविक सत्यापन सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश के दो मेडिसिटी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह ड्रग डी एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों के लिए 10 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। डल के विकास और संरक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। मेट्रो कारपोरेशन के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जम्मू और श्रीनगर शहरों के लिए शहर अनुदान के रूप में 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए संघ राज्य क्षेत्र के समरूप शेयर के रूप में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्रग्स और उपकरणों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।